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धम्म यात्रा निकाल बौद्ध अनुयाइयों ने लगाई स्तूप की परिक्रमा

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पूजा अर्चना करते बौद्ध धर्म के अनुयाई। - फोटो : FARRUKHABAD
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धम्म यात्रा निकालकर स्तूप की परिक्रमा
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संकिसा। बौद्ध तीर्थ स्थल पर बुद्ध महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को बुद्ध विहार से धम्म यात्रा का शुभारंभ हुआ। भगवान बुद्ध की झांकी के साथ नारेबाजी करते हुए यात्रा स्तूप तक पहुंची। वहां परिक्रमा कर पूजा अर्चना की गई। बुद्ध भगवान से कोरोना के खात्मे को प्रार्थना की। इस दौरान बाउंड्रीवाल के बाहर से सनातन धर्मियों ने विसारी देवी के जयकारे लगाए।
शनिवार सुबह पौने आठ बजे धम्म यात्रा का शुभारंभ किया गया। यात्रा के साथ भगवान बुद्ध की झांकी भी थी। युवा, जब तक सूरज चांद रहेगा बौद्ध धर्म का नाम रहेगा और एक, दो, तीन, चार, बौद्ध धर्म की जय जयकार आदि के जयघोष करते चल रहे थे। धम्म यात्रा स्तूप पर पहुंची। सभी अनुयायियों ने तीन चक्कर लगाए। संयोजक कर्मवीर शाक्य, डॉ. धम्मपाल थैरो, भंते चेतसिक बौद्ध ने अगरबत्ती तथा मोमबत्ती जलाकर स्तूप की पूजा अर्चना की।
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डॉ. धम्मपाल थैरो ने बताया कि आज के ही दिन भगवान बुद्ध स्वर्ग से सीढ़ी लगाकर इसी स्तूप पर उतरे थे। उनके साथ में ब्रह्मा एवं विष्णु थे। बुद्ध भगवान की अस्थियां इस स्तूप के नीचे दबी हैं। इसलिए हम लोग स्तूप पर नहीं चढ़ते हैं। सभी ने कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए बुद्ध भगवान से प्रार्थना की।
इस दौरान प्रवेश शाक्य, सुधीर शाक्य, मिथुन, रमाकांत शाक्य, दिनेश चंद्र शाक्य, मोहित शाक्य, अनूप शाक्य आदि थे। जिस वक्त परिक्रमा चल रही थी, उसी वक्त बाउंड्रीवाल के बाहर से सनातन धर्म के अनुयायी मां विसारी देवी के जयकारे लगा रहे थे। पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रही। दोनों पक्षों को समझाती रही।
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सनातन धर्मियों ने की पूजा अर्चना
धम्म यात्रा के समापन के बाद विसारी देवी सेवा समिति की देखरेख में पूर्व अध्यक्ष अतुल दीक्षित की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल माता के दर्शन करने पहुंचा। पुलिस की देखरेख में भक्तों ने विसारी देवी को खीर का भोग लगाया। बाद में प्रसाद का वितरण भी किया गया। माता के दरबार के सामने भक्तों ने खूब नारेबाजी भी की।
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