अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में भर्ती डायरिया पीड़ित मरीज।
- फोटो : अमर उजाला
गांव कुइंयाखेड़ा में फैली चिकनपॉक्स से आधा दर्जन से ज्यादा लोग बीमार चल रहे हैं। सूचना के बावजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से कोई टीम नहीं भेजी गई। शहर क्षेत्र में भी चिकनपॉक्स से तीन लोग मर चुके हैं।
गांव कुइंयाखेड़ा निवासी माधुरी, कोमल पुत्रीगण सत्यप्रकाश, अभिषेक पुत्र सत्यप्रकाश, कोमल, वैभव पुत्र सुनील कुमार, शनि पुत्र मनोज कुमार और अनुज पुत्र श्यामवीर के अलावा आधा दर्जन से ज्यादा लोग चिकनपॉक्स से पीड़ित हैं। इनका इलाज नर्सिंग होम में चल रहा है। मनोज कुमार, श्यामवीर और सत्यप्रकाश आदि ग्रामीणों का कहना है कि छह-सात दिन से उनके बच्चे चिकनपॉक्स से पीड़ित हैं।
इसकी जानकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फैजबाग में दी थी। लेकिन स्वास्थ्य टीम गांव नहीं पहुंची। वह लोग अपने बच्चों का इलाज नर्सिंग होम में करवा रहे हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि चिकनपॉक्स के बाद अक्सर लोग निमोनिया का शिकार हो जाते हैं और अगर समय से उसका इलाज न कराया जाए तो यह गंभीर रूप ले लेती है। चिकनपॉक्स के रोगी को परहेज करना जरूरी होता है।
शहर क्षेत्र में भी चिकनपॉक्स फैल चुका है और इसकी रोकथाम के लिए मुख्यालय पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। मुख्यालय के कंट्रोल रूम पर इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई है। सूचना मिलने पर टीम भेजकर लोगों को ऐहतियात बरतने की जानकारी दी जाएगी। वहीं दूसरी तरफ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डा. धनसिंह ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। फिर भी मंगलवार को गांव कुइंयाखेड़ा में स्वास्थ्य टीम भेजकर पीड़ितों को दवा वितरित की जाएगी।