फर्रुखाबाद। रविवार को पारा लुढ़क कर छह डिग्री पर आ गया। इससे ठिठुरन और बढ़ गई। बुजुर्ग और कमजोर लोग घरों में ही कैद रहने के लिए मजबूर हो गए। शाम को जल्द ही शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। साप्ताहिक बंदी के दिन भी जो चंद दुकानें खुलीं, उन पर भी ग्राहक नहीं दिखे। रोडवेज बस स्टैंड पर रोज की अपेक्षा यात्री भी काफी कम दिखे।
ठंड और बढ़ गई है। तापमान में आ रही गिरावट का असर जनजीवन पर पड़ने लगा है। दिन में धूप तो रही, मगर बर्फीली हवाओं के चलते धूप का असर नहीं दिखा। कामकाजी लोग ही घरों से निकले।
सूर्यास्त होते ही सड़कों पर चहल-पहल कम हो गई। रोडवेज बसों में भी यात्रियों की संख्या कम दिखी। बस स्टैंड पर यात्री पछुआ हवा से बचाते हुए धूप सेंकते रहे। बर्फीली हवाओं ने बुजुर्ग और बच्चों को घरों से नहीं निकलने दिया।
ठंड भले ही बढ़ गई हो, मगर नगर पालिका फतेहगढ़ चौराहा, भोलेपुर हनुमान मंदिर, लोहिया अस्पताल, लालगेट, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और चौक पर ही अलाव जलवा रही है। लोहिया अस्पताल में बमुश्किल 10 किलो लकड़ी ही गिराई जाती हैं। कर्मचारी उन्हें जलाते ही नहीं हैं। लिंजीगंज अस्पताल, नाला मछरट्टा, घुमना, लालगेट, कादरीगेट, सातनपुर मंडी आदि ऐसे स्थान हैं, जहां 24 घंटे लोगों का आना-जाना रहता है। यहां अभी तक अलाव जलवाने की जरूरत नहीं समझी गई।
संडे बाजार में जैकेट, स्वेटर खरीदने वालों की भीड़
शहर के चौक से घुमना और स्टेट बैंक तक संडे बाजार लगा। इसमें दोपहर से ही चहल पहल बढ़ने लगी। सर्दी से बचने को शाम तीन बजे गर्म कपड़े खरीदने वालों का भीड़ उमड़ी। इससे जाम लग गया। दुकानों पर स्वेटर, जैकेट, मफलर, कैप आदि खरीदने की होड़ लगी रही। सबसे ज्यादा खरीदारी बच्चों के कपड़ों की हुई। बाजार में आसपास कस्बों से भी लोग गर्म कपड़े खरीदने पहुंचे।
शहर के चौक पर संडे बाजार गर्म कपड़े खरीदते लोग। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD