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6 घंटे में चार प्रसव, सीएचसी में एक भी प्रसूता नहीं

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फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद सीएचसी में बुधवार को छह घंटे के अंदर चार प्रसव कराए गए। रात को निरीक्षण करने पहुंचे एसीएमओ को एक भी प्रसूता अस्पताल में नहीं मिली। लापरवाही का आलम यह रहा कि रजिस्टर में एक नवजात को जन्म के तीन मिनट बाद ही स्तनपान कराने का जिक्र कर दिया गया।
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एसीएमओ की नजर जब इस पर गई तो वह भी चौंक गए। बोले, इतनी देर में तो बच्चे की सफाई नहीं हो पाती, स्तनपान कैसे करा दिया गया। एसीएमओ ने सीएमओ को जांच रिपोर्ट देकर दोषियों पर कार्रवाई की संस्तुति करने की बात कही है।
जननी सुरक्षा योजना पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, जिससे सुरक्षित प्रसव कराए जा सकें। इसके लिए प्रसूता को कम से कम 48 से 72 घंटे अस्पताल में ही रोक कर नाश्ता व भोजन देने की व्यवस्था है। हकीकत यह है कि प्रसव की फर्जी संख्या बढ़ाई जा रही है।
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एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव गुरुवार रात 8:30 बजे मोहम्मदाबाद सीएचसी का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने अभिलेख देखे तो रजिस्टर पर दोपहर दो बजे से रात आठ बजे तक चार प्रसव होना अंकित था। प्रसव कक्ष से लेकर जननी सुरक्षा वार्ड में एक भी प्रसूता नहीं मिली।
खास बात तो यह है कि एक प्रसूता के बच्चे को जन्म के तीन मिनट बाद ही स्तनपान कराने का भी रजिस्टर पर उल्लेख किया गया था। यह देख एसीएमओ दंग रह गए। कहा कि इतनी देर में तो बच्चे की सफाई भी नहीं हो सकती है, तो स्तनपान कैसे कराया जा सकता है।
इन मनगढ़ंत व फर्जी रिपोर्टिंग से व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि प्रसूता को कम से कम 48 घंटे अस्पताल में रोकना चाहिए। व्यवस्थाओं में पूरी लापरवाही का मामला सामने आया है। वह अपनी निरीक्षण आख्या सीएमओ को सौंपेंगे। दोषियों पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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