फर्रुखाबाद। गैंगस्टर एक्ट के दो आरोपियों की 23 वर्ष बाद सुनवाई पूरी हुई। सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रितिका त्यागी ने दोनों को दोषी ठहराया। दोषियों को 12 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी।
तत्कालीन थानाध्यक्ष कंपिल राजेश कुमार ने 28 मई 2002 को गांव अहिबरन नगला निवासी सूरजपाल, चक्रपाल व रघुवीर सिंह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि यह लोग गैंग बनाकर क्षेत्र में रंगदारी, वसूली, मारपीट करते हैं। लोगों को डरा धमकाकर अवैध वसूली करते हैं। इन लोगों के खिलाफ काफी मुकदमे दर्ज हैं। क्षेत्र में इनके खिलाफ ग्रामीण गवाही देने से भी कतराते हैं। पुलिस ने सूरजपाल, चक्रपाल व रघुवीर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की। विवेचक ने विवेचना पूरी कर तीनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के मामले में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान सूरजपाल की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से शैलेश परमार, भानु प्रताप सिंह, राजीव कुमार ने दलीले दीं। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रितिका त्यागी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। गवाह व सबूतों के आधार पर चक्रपाल व रघुवीर सिंह को दोषी ठहराया। दोषियों को 12 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी।