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छोटे उद्यमी सीईटीपी का उपायुक्त को दें प्रस्ताव

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अंगूरीबाग का नाला, जिससे वस्त्र छपाई कारखानों से निकला पानी गंगा तक जाता है। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद/ कानपुर। कोरोना के चलते बीते छह महीने में मंडलस्तरीय उद्योग बंधु की सिर्फ एक बैठक हो सकी है। इससे औद्योगिक क्षेत्रों और उद्यमियों के पास समस्याओं की भरमार है। इन समस्याओं को कानपुर मंडल के सबसे बड़े अफसर तक पहुंचाने के लिए शुक्रवार को अमर उजाला की ओर से ऑनलाइन बैठक (वेबिनॉर) कराई गई। मंडलायुक्त डॉ. सुधीर एम बोबडे ने इसकी अध्यक्षता की। संयुक्त आयुक्त उद्योग सर्वेश्वर शुक्ल व उपायुक्त उद्योग अशोक कुमार भी मौजूद रहे। इसमें कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरेया, इटावा, कन्नौज व फर्रुखाबाद के उद्यमियों ने समस्याएं उठाईं। यूपीसीडा, नगर निगम, जल निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व बिजली विभाग से जुड़ीं समस्याएं सबसे अधिक रहीं।
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फर्रुखाबाद में वस्त्र छपाई उद्योग बड़े स्तर पर होता है। कई बड़े उद्यमी यहां की शानदार छपाई करके कपड़ा विदेशों में भी भेजते हैं। इन उद्योगों से रोज लाखों लीटर केमिकल युक्त पानी निकलकर गंगा में मिलता है। इससे प्रदूषण फैलता है। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड छोटे-बड़े उद्यमियों पर दबाव बनाकर कई-कई दिन के लिए कारोबार बंद करवा देता है। वेबिनार में जिले से वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग सेवा संस्थान के अध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा ने छोटे उद्यमियों की ये समस्याएं रखीं। उन्होंने कहा कि छोटे छपाई उद्यमी 20 सालों से कॉमन इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) लगवाने की मांग कर रहे हैं, मगर पूरी नहीं हुई। टेक्सटाइल पार्क बनाने की प्रक्रिया चल रही है। पार्क में जाने को छोटे उद्यमियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। कहा कि जयपुर की तर्ज पर भैरोंघाट पर सीईटीपी लगवा दिया जाए। प्लांट लगने के बाद छोटे उद्यमी भी काम करते रहेंगे।
इनके जवाब में ज्वाइंट कमिश्नर उद्योग सर्वेश्वर शुक्ला ने कहा कि चंद्रपाल वर्मा की सराहनीय मांग है। हम टेक्सटाइल पार्क पर तेजी से काम कर रहे हैं। शीघ्र ही अंतिम रूप देने वाले हैं। रही बात सीटीईपी की, तो छोटे उद्यमी अपने जिले के डीसी (उपायुक्त उद्योग) को प्रस्ताव बनाकर दें। वह प्रस्ताव जैसे ही यहां आएगा। हम उस पर गंभीरता से विचार करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छोटे उद्योगों का पूरी संरक्षण होगा। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत ब्लाक प्रिंटिंग का काम फर्रुखाबाद में शानदार हो रहा है। सभी उद्यमी इसका भी फायदा उठाएं। संचालन प्रदीप सिंह ने किया।
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अभी तक छोटे कारखानों से निकलने वाला पानी जाता गंगा में
वस्त्र छपाई के छोटे कारखानों से निकलने वाला गंदा पानी अभी सीधे गंगा में जाता है। इससे गंगा जल प्रदूषित होता है। सीईटीपी लगने से गंदा पानी गंगा में नहीं जाएगा।
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चंद्रपाल वर्मा। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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