कंपिल (फर्रुखाबाद)। थाना क्षेत्र के लोहिया गांव भागीपुर उमराह में बुधवार को विकास कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे सीडीओ के सामने बवाल हो गया। ग्रामीणों और कोटेदार के पक्ष से पथराव होते ही सीडीओ, बीडीओ, दरोगा व अन्य अधिकारी मौके से भाग निकले। सिपाहियों ने समझा बुझाकर लोगों को शांत कराया। वहीं, सीडीओ का कहना है कि ईंट-पत्थर चलते समय वह जीप में बैठ चुके थे। एफआईआर दर्ज कराना उनकी जिम्मेदारी नहीं है।
वर्ष 2014-15 में लोहिया ग्राम घोषित हुए भागीपुर उमराह में बुधवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार को निरीक्षण करने जाना था। इस वजह से सीडीओ सहित अन्य अधिकारी पहले ही पहुंच गए। कुछ देर बाद पता चला कि किसी कारणवश डीएम भागीपुर उमराह नहीं जा रहे हैं। इस पर सीडीओ एसएन शुक्ल अन्य अधिकारियों के साथ प्राथमिक विद्यालय सूरजपुर चमरौआ पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने शिकायत की कि कोटेदार नरेंद्र सिंह राशन नहीं बांटते हैं।
इस पर सीडीओ के सामने ही शिकायतकर्ता शिवकुमार को नरेंद्र सिंह गाली देना लगा। मौके पर उसका भाई वीरेंद्र सिंह भी पहुंच गया। जांच में पता चला कि कोटा तो रामलड़ैते शाक्य के नाम है लेकिन दबंगई के चलते नरेंद्र सिंह उसे चला रहे हैं। यह मामला खुलते ही शिवकुमार और नरेंद्र सिंह पक्ष भिड़ गए। ईंट-पत्थर चलने लगे। जिस समय गांव में दो गुट भिड़े, उस समय कंपिल थाने के दरोगा प्रभाकर शर्मा और उदयनरायन शुक्ल भी मौजूद थे। ईंट-पत्थर चलते ही सीडीओ, दरोगा और अन्य अधिकारी गाड़ियों में बैठकर वहां से खिसक लिए। सिपाहियों ने मामले को संभाला और सुलह समझौता कराया।
इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी एसएन शुक्ल ने बताया कि ईंट-पत्थर चलते समय वह जीप में बैठ चुके थे। उनकी जिम्मेदारी नहीं है कि वह एफआईआर कराएं। कोटेदारी को लेकर दो पक्ष भिड़े थे। वहीं, एसओ श्रीकांत यादव का कहना है कि वह फतेहगढ़ में हैं। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। थाने पहुंचने के बाद कार्रवाई की जाएगी।