छावनी परिषद के ठेकेदार से रिश्वत लेने के मामले में उपाध्यक्ष की पिछले
दिनों गिरफ्तारी के बाद सीबीआई लखनऊ की टीम ने मंगलवार को शहर में डेरा डाल
दिया है। टीम ने ठेकेदार के कराए गए कार्यों की वीडियोग्राफी करवाई। छावनी
क्षेत्र में पेटी ठेकेदार हैदर अली ने पिछले दिनों कैंट क्षेत्र में करवाए
गए मरम्मत कार्य का भुगतान करने के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत सीबीआई की
एंटी करप्शन शाखा लखनऊ से की थी। लखनऊ से आई टीम ने छावनी परिषद के
उपाध्यक्ष
शशिमोहन को रिश्वत के दो लाख रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ लिया
था। ठेकेदार ने दोबारा एसपी एंटी करप्शन से शिकायत कर जानमाल की धमकी दिए
जाने की शिकायत की थी। मामले की जांच करने आए सीबीआई लखनऊ के डीएसपी राजपाल
सिंह व हेड कांस्टेबल सुरेश ने ठेकेदार हैदर अली के करवाए कार्यों की
पड़ताल की। टीम ने अधूरे व टूटे निर्माण, बिखरे बिजली के तार आदि की
वीडियोग्राफी करवाई। टीम ने ठेकेदार व छावनी क्षेत्र के सीईओ एमपीआर
त्रिपाठी से बात कर
सबूत जुटाए। टीम के सदस्यों ने पहले साइट टू क्षेत्र
स्थित कर्मचारियों के आवासों का निरीक्षण किया। गुणवत्ता खराब मिलने पर जेई
एसके सेंगर से कहा कि खराब निर्माण होने पर भी चुप्पी क्यों साधी गई। इसके
बाद टीम के सदस्य कैंट बोर्ड स्कूल में नए कमरे देखने पहुंचे। दरवाजों पर
लटके तालों में लगी सील को खुलवाकर निर्माण की गुणवत्ता परखी।
नौगवां स्थित
कूडे़ के डिस्पोजल के लिए हुए निर्माण का जायाजा लिया। दीवार पर खराब ईंट
देखकर जेई को आडे़ हाथों लिया। शाम तक अभिलेखों को खंगालने के बाद टीम के
सदस्य यहां से चले गए। सूत्रों की मानें तो टीम के सदस्य अभी दो दिन और
रुककर मामले की पड़ताल करेंगे। टीम रिश्वत कांड में प्रकाश में आए सभासदों
से भी पूछताछ कर सकती है।