कंकाल के पोस्टमार्टम में मौत का कारण अस्पष्ट
फर्रुखाबाद। शृंगीरामपुर के पास गंगा में मिले लापता युवक के कंकाल के पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। डॉक्टर ने हड्डियां सुरक्षित कर लीं हैं। उनको परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। इसके अलावा हड्डियों से ही डीएनए की जांच कराई जाएगी। डॉक्टर के मुताबिक युवक की मौत लगभग दो सप्ताह पहले हुई थी। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
जनपद कन्नौज की कोतवाली गुरसहायगंज गांव हंसपुरवा निवासी बिंदर सिंह का 22 वर्षीय पुत्र पीतम सिंह 30 मई को कमालगंज क्षेत्र एक गांव निवासी मौसी के घर आने के लिए बाइक से निकला था। उसके बाद लापता हो गया। उसका मोबाइल फोन भी बंद हो गया था। बिंदर सिंह ने कोतवाली गुरसहायगंज में पुत्र की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
शनिवार को पिता बिंदर सिंह व पुत्र तेजराम, सिपाही लाल के साथ खोजबीन करने के लिए कमालगंज थाना क्षेत्र में आए। कुछ ग्रामीणों ने महमदगंज मड़ैयन घाट से एक किलोमीटर दूर शृंगीरामपुर की ओर कटरी में टापू पर कंकाल पड़े होने की सूचना दी। इस पर उन्होंने जाकर कपड़े देखकर पुत्र पीतम का कंकाल होने की शिनाख्त की।
परिजन कंकाल को ट्रैक्टर ट्राली में रखकर थाने पहुंचे। भाई तेजराम नेजंजाली नगला गांव निवासी उदयवीर, अनुुज, रानू , ललित के खिलाफ हत्या के बाद पीतम का मोबाइल व बाइक गायब कर देने का मुकदमा दर्ज कराया। रविवार को डॉ. अमित कुमार ने कंकाल का पोस्टमार्टम किया। इसमें युवक की दो सप्ताह पहले मौत होने की बात बताई। मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
मोबाइल से खुलेगा मौत का राज
पीतम का मौसी के घर आना जाना था। वहां एक दोस्त की बहन से प्रेम हो गया। पीतम उसे दिल्ली ले गया और दोनों पति पत्नी की तरह रहने लगे। लगभग तीन माह तक वह साथ रहे। इसी बीच युवती के परिजनों ने शादी कराने का भरोसा दिया था। इस पर युवती घर और पीतम अपने गांव चला गया था।
सर्विलांस की टीम ने पीतम के अलावा युवती के परिजनों व उसके भाई के दोस्तों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा दिए हैं। जहां कंकाल मिला, उसकी रेंज में आए सभी मोबाइल नंबरों की एक पखवाड़ा पहले की सूची तैयार की जा रही है। उनमें कई संदिग्धों के नंबर प्रकाश में भी आ गए हैं।