फर्रुखाबाद। देशी शराब की दुकान के अंदर सेल्समैन की हत्या में पुलिस ने दो कैंटीन संचालकों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने ग्राहकों को शराब न देने से कारण सेल्समैन की हत्या की। कहा कि उसकी वजह से रोजाना नुकसान होता था।
मऊदरवाजा थाने के रायपुर निवासी शिवरतन पाल (40) की 14 जून की रात तहसील तिराहा स्थित देशी शराब ठेके के अंदर हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम में उसके शरीर पर कई चोटों के निशान मिले थे। घटना का खुलासा करते हुए सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय ने बताया कि शिवरतन के भाई राकेश कुमार ने शराब ठेकेदार भगवान दास शिवानी उर्फ मीनू पर हत्या का शक जताते हुए रिपोर्ट लिखाई थी। घटना की पुलिस ने जांच की, तो मोहल्ला बंगशपुरा के विनोद यादव और खड़ियाई के प्रदीप को गिरफ्तार किया। दोनों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि दोनों कई साल से कैंटीन चलाते हैं। शिवरतन दुकान पर आने वाले ग्राहकों को शराब देने में आनाकानी करता था। लिहाजा उन्हें बड़ा घाटा हो रहा था। 14 जून की रात शिवरतन ने ग्राहकों को शराब नहीं दी थी। उसने समय से ठेका बंद किया। शराब मांगने पर भी नहीं दी। वह उग्र होकर गाली देने लगा। इस पर धक्का-मुक्की हो गई।
इसके बाद विनोद ने शिवरतन का नाक-मुंह दबा दिया और प्रदीप ने हाथ पकड़ लिए। इससे वह कुछ ही देर में मर गया। कुछ देर बाहर खड़े होकर ग्राहकों से सेल्समैन के सोने की बात बताते रहे। इसके बाद वहां से चले गए। 15 जून की सुबह ठेके पर पहुंचकर मालिक को सूचना दी। शटर उठाकर उसे दिखाया और शिवरतन को एंबुलेंस से थाने भिजवा दिया। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया।
ठेकेदार को देता था 600 रुपये रोजाना
सेल्समैन की हत्या में गिरफ्तार विनोद यादव पर गैंगस्टर समेत छह मुकदमे दर्ज हैं, जबकि प्रदीप पर पहला हुआ है। आरोपियों ने बताया कि वह ठेकेदार के कैंटीन चलाने के बदले 600 रुपये रोज देते थे। जब से शिवरतन दुकान पर आया, तब से बड़ा घाटा होने से वह परेशान थे।