फर्रुखाबाद में एक महिला अपने कैंसर पीड़ित पति को लेकर लोहिया की इमरजेंसी पहुंची। ईएमओ रूम के गेट पर व्हील चेयर से वह उतरकर जमीन पर लेट गया। वहां मौजूद अस्पताल के किसी भी स्टाफ ने उसे स्ट्रेचर तक नहीं उपलब्ध कराया। रेफर होने और एंबुलेंस के आने तक एक घंटे से ज्यादा समय तक वह जमीन पर ही पड़ा रहा।
फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला भूसामंडी निवासी अनुराधा कैंसर पीड़ित अपने पति वीरेंद्र (28) को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचीं। व्हील चेयर पर वीरेंद्र से बैठा नहीं गया, तो वह वहीं जमीन पर लेट गए। पत्नी और साथ आए एक युवक से अस्पताल कर्मचारी बात करते रहे। इमरजेंसी के किसी भी कर्मचारी ने उसे स्ट्रेचर पर भी लिटाने की जरूरत नहीं समझी।
इस दौरान पत्नी से बातचीत करके वीरेंद्र के रेफर कागजात बनाए जाते रहे। पत्नी से एंबुलेंस के लिए फोन लगवाया जाता रहा, मगर वीरेंद्र जमीन पर ही पड़ा कराहता रहा। करीब एक घंटे बाद जब एंबुलेंस आई, तब कहीं उसे उठाया गया। प्रभारी सीएमएस डा. एसपी सिंह ने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं हैं। यदि ऐसा है, तो काफी गंभीर बात है। वह मामले की जानकारी कर जांच कराएंगे।