भाई की कलाई पर राखी बांधती बहन।
- फोटो : भाई की कलाई पर राखी बांधती बहन।
फर्रुखाबाद। जनपद में शनिवार को रक्षाबंधन का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भाई-बहन का अनूठे प्यार के आगे जेल की दीवारें भी छोटी पड़ गईं। इस बार पूरा दिन शुभ होने से शाम तक रक्षा बंधन का सिलसिला चलता रहा। भाइयों ने अपनी कलाई पर राखी बंधवाकर बहनाें की रक्षा का संकल्प लिया।
भाई-बहन का प्यार खुद में अद्वितीय मिसाल है। बचपन में झगड़े होने के बावजूद यह प्यार कभी कम नहीं हुआ। भाई जहां अपनी बहन को हमेशा खुश देखना चाहता है, वहीं बहन भी अपने भाई पर न्योछावर होने को तैयार रहती है। रक्षाबंधन के त्योहार पर कुछ ऐसा ही प्यार का अटूट बंधन दिखाई देता है। सुबह से शुभ मूहूर्त होने से रक्षाबंधन शुरू हो गया। रोडवेज बस की मुफ्त सेवा मिलने से बहनों ने मायके का रुख किया। भाई के मिलते ही उनके चेहरे खिल गए और उनकी कलाई पर राखी बांधकर मुंह मीठा कराया। वहीं भाइयों ने उनकी रक्षा का संकल्प लेकर उपहार भी भेंट किए। जो बहने मायके नहीं जा सकीं, तो भाई दौड़े चले गए और राखी बंधवाकर त्योहार मनाया। घरों में नन्हें मुन्ने बच्चों का रक्षाबंधन त्योहार को देखते ही बना। कुछ देर पहले झगड़ा करने वाले भाई-बहन राखीं बंधवाने के दौरान एक-दूसरे के गले मिलते दिखे।
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जेल में बंद भाइयों की कलाई पर भी बांधी राखी
फोटो-11, भाइयों से मिलने को जिला जेल के बाहर कतार में खड़ी बहनें। संवाद
फर्रुखाबाद। भाई-बहन के प्यार का अटूट बंधन के आगे जेल की दीवारें भी असर नहीं कर सकीं। फतेहगढ़ स्थित जिला जेल में निरुद्ध भाईयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए सुबह से ही बहनें पहुंचने लगीं। त्योहार मनाने में जेल प्रशासन ने भी पूरा सहयोग किया। विभिन्न मामलों में जेल में बंद 319 भाइयों की कलाई पर 521 बहनों ने पहुंचकर राखी बांधी। वहीं एक महिला बंदी से उसके भाई ने जेल पहुंचकर अपनी कलाई पर राखी बंधवाई। महिलाओं के साथ 219 बच्चे भी पहुंचे। उन्होंने अपने मामा से मुलाकात कर खूब बातें भी कीं। इस दौरान अधीक्षक अरविंद कुमार श्रीवास्तव, जेलर गिरीश कुमार, डिप्टी जेलर वैभव कुशवाहा, सरोज देवी व मुकेश कुमार गौड़ मौजूद रहे।