मंडी समिति में प्लेटफार्म के आसपास लगे टट्टर व अस्थायी दुकानों को हटाने के लिए मंडी सचिव की ओर से चेतावनी दी गई। इसके विरोध में तीनों व्यापार मंडल के नेता एकजुट हुए और मंडी दफ्तर के सामने दो घंटे धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद भी एसडीएम ने जेसीबी व पुलिस फोर्स बुला लिया। इस पर व्यापारी नेताओं ने मजबूर होकर एसडीएम अमित आसेरी से एक सप्ताह में खुद ही अतिक्रमण हटा लेने का आश्वासन दिया।
मंडी समिति को हाईटेक बनाने के लिए ई-नेम आफिस आदि बनाया जा रहा है। तीन दिन पहले मंडी सचिव ने प्लेटफार्म पर लगे लकड़ी के टट्टर व अस्थायी दुकानें हटाने के लिए चेतावनी दी थी। इसके विरोध में शनिवार को तीनों व्यापार मंडल के नेता एकजुट हो गए थे और कहा था कि सोमवार से रोजाना दो घंटे धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
सोमवार को तीनों गुटों के व्यापारी नेता मंडी में दफ्तर के सामने दरियां बिछाकर धरने पर बैठ गए। इधर एसडीएम अमित आसेरी, सीओ अवनीश कुमार, तहसीलदार भूपाल सिंह, इंस्पेक्टर डॉ. विनय राय सभी थानों का फोर्स लेकर पहुंच गए। प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी मंगा ली। काफी देर तक व्यापारी नेता धरना स्थल पर एसडीएम को बुलाने की मांग करते रहे।
करीब डेढ़ बजे व्यापारी नेता मंडी चौकी में मौजूद एसडीएम के पास पहुंचे। वहां व्यापार मंडल कंछल गुट के नगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, बंसल गुट के उमेश गुप्ता, मिश्रा गुट के आदेश अग्निहोत्री, ब्रजकिशोर दुबे व अन्य व्यापारियों ने वार्ता की। समस्याएं रखीं, लेकिन एसडीएम ने कहा कि जो समस्या है वह अलग बात है।
टट्टर लगाकर कब्जा या टट्टर की दुकानें बना लेना गलत है। व्यापारी अपनी आवंटित जगह पर काम करें। काफी देर तक चली बात के दौरान एसडीएम ने उनकी मांग पर एक सप्ताह का समय तो दे दिया, मगर यह भी अल्टीमेटम दिया कि यदि एक सप्ताह में अतिक्रमण नहीं हटा तो वह खुद ही हटवा देंगे। व्यापारियों ने माल की सुरक्षा व जगह के लिए मांग रखी है।