फर्रुखाबाद। दिल्ली जाने वाले यात्रियों से रोडवेज विभाग ने एसी बसें छीन ली हैं। मुख्यालय के आदेश पर चारों बसों को सहारनपुर भेज दिया गया है। बेवर डिपो से दो खटारा बसें मिलीं हैं। इनमें एक का एसी काम नहीं कर रहा, तो दूसरी बस का गियर बॉक्स खराब है। ऐसे में यात्री अन्य डिपो की बसों पर ही आश्रित हो गए हैं।
राज्य सड़क परिवहन निगम ने यात्रियों की सुविधा के लिए फरवरी 2020 में डिपो को चार एसी बसें मुहैया कराई थीं। इन चारों बसों को दिल्ली मार्ग पर चलाया जा रहा था। बसें आईं, तो कोरोना महामारी फैल गई। लॉकडाउन लगने से यात्रा बंद हो गईं। लिहाजा यात्रियों की संख्या कम रही। सर्दी में भी बमुश्किल 50 फीसदी ही आय हो सकी।
जबकि 70 प्रतिशत आय होने पर एसी बस का खर्च पूरा होता है। हालांकि दो महीने से चारों बसें 100 फीसदी आय के साथ चल रही थीं। बिना कोई कारण बताए अचानक ही प्रदेश मुख्यालय से सेवा प्रबंधक के आदेश पर चारों बसों को 31 मई को सहारनपुर भेज दिया गया।
इन बसों के जाने के बाद मुख्यालय ने बेवर डिपो की दो बसें यहां भेजी हैं। इनमें एक बस का गियर बॉक्स खराब है और दूसरी का एसी काम नहीं कर रहा है। लिहाजा एसी की मरम्मत के लिए बस सहारनपुर कार्यशाला भेज दी गई। जबकि गियर बाक्स खोलकर मेरठ भेजा गया है। फिलहाल स्थानीय डिपो की एक अनुबंधित बस को छोड़ कर कोई एसी बस नहीं है।
साहिबाबाद डिपो कीं दो और एक अनुबंधित एसी बस का सहारा
साहिबाबाद डिपो की सुबह साढ़े सात बजे और शाम साढ़े आठ बजे एसी बसें यहां से दिल्ली के लिए रवाना होती हैं। इसके अलावा स्थानीय डिपो की एक अनुबंधित एसी बस सुबह साढ़े आठ बजे दिल्ली जाती है। यही एसी बसें अब दिल्ली के यात्रियों के लिए उपलब्ध हैं।
अनुबंधित एसी बस दे रही 110 फीसदी आय
डिपो से एक अनुबंधित एसी बस दिल्ली मार्ग पर चल रही है। यह बस कई महीनों से 110 फीसदी आय दे रही है। ऐसे में निगम की बस में कम और अनुबंधित में अधिक आय होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।