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रोडवेज पर बढ़ा पांच हजार यात्रियों का दबाव

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रोडवेज बस अड्डा पर बस का इंतजार करते यात्री। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। शासन की सख्ती के बाद डग्गामार बसें बंद होने के बाद रोडवेज डिपो पर रोजाना करीब पांच हजार यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने 50 प्राइवेट बसों का संचालन बंद करा दिया है। इन बसों में 18 जयपुर और 32 दिल्ली रूट पर चलती थीं। जयपुर के लिए रोडवेज की एक भी बस नहीं जाती है। ऐसे में यात्रियों के सामने समस्या खड़ी हो गई है।
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रोडवेज डिपो के पास कुल 97 बसें हैं। इनमें 91 सरकारी और छह बसें अनुबंधित चल रही हैं। डिपो प्रशासन 35 बसें दिल्ली, 20 आगरा, पांच-पांच हरदोई व कानपुर, चार-चार इटावा, एटा व बरेली, तीन बदायूं के लिए चलाता है। कुछ बसें लोकल रूट पर चलाने का दावा किया जा रहा है। औसतन 84 बसें रोजाना चल रही हैं। डिपो के पास परमिट न होने की वजह से जयपुर के लिए कोई बस नहीं है।
रोडवेज बसों की कमी और यात्रियों की अधिकता के चलते जयपुर रूट पर 18 और दिल्ली रूट पर 32 प्राइवेट बसें चलाई जा रही थीं। प्रत्येक प्राइवेट बस में औसतन 100 सवारी भरकर जाती थीं, लेकिन शुक्रवार से इनका संचालन बंद करा दिया गया है।
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ऐसे में इन बसों में रोजाना सफर करने वाले पांच हजार यात्री अब रोडवेज के भरोसे हो गए हैं। सबसे बड़ी समस्या जयपुर जाने-आने वाले यात्रियों के लिए खड़ी हो गई है। रोडवेज विभाग अब आगरा रूट पर बसें बढ़ाकर इन यात्रियों को राहत देने की तैयारी कर रहा है। आगरा से जयपुर के लिए कई बसें रोजाना संचालित होती हैं।
शनिवार पूरी रात बस स्टैंड पर जयपुर जाने वाले करीब एक हजार यात्रियों की भीड़ रही। यही नहीं दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या भी करीब 500 रही। बावजूद इसके डिपो के अधिकारी यात्रियों को बसें उपलब्ध नहीं करवा सके। लिहाजा रात भर यात्री परेशान रहे।
आगरा तक गए जयपुर के यात्री
जयपुर के लिए सीतापुर डिपो और राजस्थान की चार बसें आती हैं। ऐसे में जयपुर वाले यात्रियों की भीड़ आगरा तक रवाना हुई। उसके बाद जयपुर के लिए जाते रहे। इससे लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ा।
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