वर्ष 2008 में बसपा शासनकाल में जिले में तीन स्थानों पर गरीबों को छत देने के लिए 1500 आवास बनवाए गए। यह आवास टाउनहाल के नीचे, बधौआ भोलेपुर और हैवतपुर गढ़िया में बनवाए गए।
इनमें कांशीराम कालोनी हैवतपुर गढ़िया अराजकतत्वों का अड्डा बन गई है। यहां शाम होते ही सट्टा, जुआ और देह व्यापार का धंधा शुरू हो जाता है। इसका कारण यह है कि अपात्रों ने मिले हुए आवास किराये पर उठा रखे हैं।
जिससे कालोनी में रहने वाले पात्र लोगों को भी दिक्कत उठानी पड़ती है। कालोनीवासियों का आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से यहां अवैध धंधे फल-फूल रहे हैं और अराजकतत्व खुलेआम घूमते हैं।
कांशीराम कालोनी हैवतपुर गढ़िया में सर्वाधिक 1296 आवास बने हैं। इन आवासों के आवंटन का जिम्मा जिला अभिकरण कार्यालय डूडा को दिया गया था। आवास आवंटन में धांधली बरती गई और अधिकतर अपात्रों को आवास आवंटित कर दिए।
अपात्रों ने अपने आवासों को किराये पर उठा दिया। सूत्रों की मानें तो हैवतपुर गढ़िया में ब्लाक संख्या 16 मकान नंबर 245 में सोनू कुमार 700 प्रतिमाह देकर किराये पर रह रहे हैं, जबकि आवास मनोज मिश्र के नाम आवंटित है।
ब्लाक नंबर 38 मकान नंबर 600 में बाला देवी किराये पर रह रही हैं। यह आवास मोनी ठाकुर निवासी मोहम्मदाबाद के नाम है। इसी तरह अधिकतर आवास किराये पर उठे हैं।