लोहिया अस्पताल के पर्चा काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़।
- फोटो : लोहिया अस्पताल के पर्चा काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़।
फर्रुखाबाद। सुबह-शाम ठंडी हवाएं और दिन की चटख धूप बीमारी को दावत दे रही है। धूप देख कम कपड़े पहनकर निकलने की गलती खांसी, जुकाम, बुखार के रूप में सहनी पड़ रही है। यही वजह है कि लोहिया अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को पहुंचे कुल 703 मरीजों में फिजीशियन के 224 मरीज थे।
इन दिनों बदलता मौसम बीमारियों को दावत दे रहा है। दिन की चटख धूप में कम कपड़े पहनकर निकलने के बाद सूर्यास्त होने पर ठंडी हवाओं में चलना घातक है। लोग खांसी, जुकाम व बुखार की गिरफ्त में आ रहे हैं। लोहिया अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। सोमवार को अकेले फिजीशियन के 224 मरीज थे। आर्थो के 120, आंख के 99, दांत के 43, चेस्ट के 27, स्किन के 37 कार्डियो के 44 समेत कुल 703 मरीज पहुंचे। डॉ. प्रवीन कुमार और डॉ. अभय श्रीवास्तव के कमरों के बाहर मरीजों की लाइनें लगी रहीं। जांच कराने के लिए भी लैब में मरीजों को मशक्कत करनी पड़ी।
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बीमारी से बचने के लिए दिन में सहनी पड़ेगी गर्मी
खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज को देख रहे डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में सावधान रहने की जरूरत है। जो दिन में गर्मी सह लेगा, वह बीमारी से बच जाएगा। सुबह-शाम को ठंडी हवाएं लगने से लोग बीमारी के शिकार हो रहे हैं। बच्चों को भी गर्मी और सर्दी से बचाकर रखना है। फिलहाल वायरल के लोग शिकार हो रहे हैं।
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सर्जन ने इमरजेंसी में देखे मरीज, दो डॉक्टर न होने से दिक्कत
सोमवार को सर्जन डॉ. अमर नाथ की इमरजेंसी ड्यूटी थी। लिहाजा वह इमरजेंसी के मरीजों के साथ ओपीडी के मरीजों को भी देखकर दवाएं लिखते रहे। आर्थो सर्जन डॉ. रिषिकांत वर्मा की दिव्यांग बोर्ड और चेस्ट फिजीशियन डॉ. ध्रुवराज सिंह अवकाश पर होने की वजह से मरीजों को खासी परेशानी हुई। आर्थो सर्जन डॉ. नीरज वर्मा के कमरे के बाहर धक्का मुक्की जैसे हालात बने रहे।