सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष को रिश्वत लेते रंगे
हाथ गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई की टीम आरोपी को लेकर लखनऊ चली गई। मोहल्ला
हाथीखाना निवासी हैदर अली उर्फ मंटू छावनी क्षेत्र में ठेकेदार दिलीप
कुमार के ठेकों का काम देखते हैं। छावनी क्षेत्र में काम करने के बावजूद
भुगतान रुका था। ये भुगतान के लिए कैंट कार्यालय के
चक्कर काट रहे थे। आरोप
है कि ठेकेदार का रुका भुगतान करवाने के लिए छावनी परिषद के उपाध्यक्ष
शशिमोहन ने हैदर अली से दो लाख रुपये मांगे। हैदर अली ने इसकी शिकायत
सीबीआई के एंटी करप्शन सेल लखनऊ में कर दी। इंस्पेक्टर अनमोल सचान के
नेतृत्व में एंटी करप्शन की टीम रविवार दोपहर को फतेहगढ़ आई। टीम के कहने
पर हैदर अली ने
छावनी परिषद के उपाध्यक्ष को रिश्वत देने के लिए रुपयों का
इंतजाम किया। इसके बाद टीम के सदस्यों ने रुपयों पर पहचान चिन्ह बनाकर हैदर
अली को उपाध्यक्ष के घर भेजा। हैदर अली ने उपाध्यक्ष शशि मोहन के आवास पर
जाकर जैसे ही उसे रुपयों की गड्डी दी वैसे ही टीम के सदस्यों ने शशिमोहन को
धर दबोचा। टीम को शशिमोहन के पास से दो लाख
रुपये बरामद हुए। इसके बाद टीम
शशिमोहन को लेकर बोर्ड कार्यालय पहुंची। बाहर ड्यूटी कर रहे पीआरडी जवान
से परिषद के अधिशाषी अधिकारी को सूचना देने को कहा। सूचना पर बंगले से
निकले मुख्य अधिशाषी अधिकारी एमपीआर त्रिपाठी को टीम के इंस्पेक्टर ने
परिचय देकर कार्यालय खुलवाने को कहा। आनन फानन में छावनी परिषद के कार्यालय
की कमान सीबीआई के जवानों के हाथों में आ गई। शाम 7 बजे से एक-एक कर
संबंधित लिपिक और अवर अभियंता को बुलवाने का
सिलसिला श्ुारू हुआ। टीम ने
लिपिक विनोद बिहारी से चेक बुक व फाइलों की फोटो कापी एकत्र की। अवर
अभियंता स्वतंत्र सिंह सेंगर से भी वर्क आर्डर व नापतौल पुस्तिका की कार्बन
कापी ली। अन्य जरूरी अभिलेखों को एकत्र कर टीम सोमवार की सुबह 7 बजे
बोर्ड शशिमोहन को लेकर लखनऊ रवाना हो गई।
छावनी परिषद के मुख्य अधिशाषी
अधिकारी एमपीआर त्रिपाठी ने बताया कि ठेकेदार दिलीप कुमार के छावनी
क्षेत्र में मरम्मत करने के ठेके हैं। इन्हें हाथीखाना निवासी हैदर अली
देखता है। तयशुदा मरम्मत कार्य को पूरा न करने पर छावनी परिषद की ओर से 29
मार्च 2014 को काम पूरा करने का नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद कार्य पूरा
नहीं हुआ। कहीं गुणवत्ता सही नहीं पाई गई तो कहीं आधा अधूरा काम मिला। जेई
की रिपोर्ट पर तत्कालीन बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर सलीम
आसिफ के निर्देश
पर ठेकेदार का 4.28 लाख रुपये का भुगतान रोक दिया था। इसके साथ ही
सिक्योरिटी राशि के 4.80 लाख रुपये जमा हैं। बताया कि रविवार शाम सीबीआई के
कुछ लोग बोर्ड उपाध्यक्ष शशि मोहन को लेकर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने
ठेकेदार के कार्यों से संबंधित पत्रावलियों की जांच की। कहा कि रविवार शाम 7
बजे से चली कार्रवाई सुबह 7 बजे समाप्त हुई। सीओ ने बताया कि सीबीआई
अधिकारी शशिमोहन के भाई और उन्हें जानकारी के लिए एक पत्र देकर गए हैं।
उन्होंने बताया कि पत्र के मुताबिक सीबीआई की टीम ने उपाध्यक्ष शशिमोहन को
रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि शशिमोहन को
लखनऊ स्थित सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में सोमवार को पेश किया गया। सीओ ने
बताया कि मामले की जांच के लिए बोर्ड परिषद की आपात बैठक मंगलवार को सुबह
11 बजे सभागार में होगी। उन्होंने बताया कि बैठक में मामले की जांच के लिए
एक कमेटी का गठन किया जाएगा।