यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 को नकल विहीन कराने के लिए प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों के साथ ब्राडबैंड और राउटर लगवाना है। ताकि एक स्थान से सभी कमरों की निगरानी स्क्रीन पर देखकर की जा सके। परीक्षा केंद्र प्रभारियों ने सीसीटीवी कैमरे तो लगवा लिए, लेकिन ब्राडबैंड और राउटर लगवाना भूल गए। अभी तक 60 केंद्रों में से दस केंद्रों से राउटर और ब्राडबैंड लगवाए जाने का प्रमाण पत्र दिया है।
18 फरवरी से होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 के लिए जिले में 60 विद्यालय और एक सेंट्रल जेल को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसकी तैयारियां 30 नवंबर तक पूरी करनी थीं। अभी तक कई केंद्रों पर तैयारियां आधी अधूरी है।
नकल विहीन परीक्षा को हर केंद्र पर प्रत्येक कमरे में दो-दो सीसीटीवी कैमरे के साथ वायस रिकार्डर लगाया जाना है। सभी सीसीटीवी कैमरों को प्रधानाचार्य के कक्ष में स्क्रीन पर देखने के लिए ब्राडबैंड और राउटर लगाया जाना है।
परीक्षा केंद्रों पर संबंधित प्रधानाध्यापकों ने सीसीटीवी कैमरे वायस रिकार्डर के साथ लगवा लिए हैं, लेकिन ब्राडबैंड व राउटर नहीं लगवाया। 30 नवंबर तक 10 केंद्रों ने ब्राडबैंड व राउटर लगवाने का प्रमाण पत्र डीआईओएस कार्यालय में दिया है, बकाया 50 परीक्षा केंद्रों के प्रधानाध्यापक ने कोई प्रमाण पत्र नहीं दिया है।
डीआईओएस डा. आदर्श कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यह नई व्यवस्था लागू हुई है। सभी केंद्र प्रभारियों को दस दिसंबर तक राउटर और ब्राडबैंड लगवाने के आदेश दिए गए हैं। कुछ लोगों ने लगवा लिए हैं।