फर्रुखाबाद। भाजपा में जिलाध्यक्ष चुनने की कवायद में नित नए रंग देखने को मिल रहे हैं। कभी समय के बाद नामांकन पत्र जमा करना, पार्टी के नियमों को तोड़कर पैनल में नाम रखना।
अबकी बार चुनाव अधिकारी की ओर से बनाई गई सूची ही वायरल हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सूची में सांसद और विधायकों के करीबियों के नाम शामिल हैं। वहीं, जनप्रतिनिधि वायरल सूची को फर्जी बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। दावेदार बड़े दरबारों में हाजिरी लगाकर अपना पक्ष रख रहे हैं।
विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी में जिले का मुखिया चुनने की कवायद चल रही है। 11 जनवरी को चुनाव अधिकारी सुमन चतुर्वेदी के समक्ष 42 लोगों ने अपना नामांकन दाखिल किया था। नामांकन दाखिल करने का समय निकलने के बाद दो दावेदारों ने नामांकन पत्र प्रस्तुत किया था। एक जनप्रतिनिधि के कहने पर उन दोनों का नामांकन पत्र लेकर प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर ही सूची में शामिल करने की बात कही गई। 13 जनवरी को पर्यवेक्षक विन्ध्वासिनी ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से बात की। इसके बाद दो और नाम नामांकन सूची में बढ़ गए। 13 जनवरी को जिलाध्यक्ष के लिए नामांकन करने वालों की संख्या 44 हो गई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक बंद कमरे में तय किए गए पांच नामों के पैनल को प्रदेश नेतृत्व को अनुमोदन के लिए भेज दिया गया। इस पैनल में अंकित नामों में सांसद और विधायक के करीबी बताए जा रहे थे।
प्रदेश कार्यालय से कुछ निर्णय हो पाता कि तब तक एक पैनल का प्रपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसको प्रदेश को भेजा जाने वाला पैनल पत्र बताकर भेजे गए नामों का भी उल्लेख कर दिया गया। पत्र वायरल होने के बाद राजनैतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं जोर पकड़ने लगीं।
सूत्रों के मुताबिक एक दावेदार अपने रसूख का प्रयोग करते हुए मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री के दरबार में गुहार लगा आए। जिसकी जैसी पहुंच वैसे दरबार में हाजिरी लगाने का क्रम जारी है। अब देखना यह है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई सूची में दिखाए गए नाम वास्तविक सूची वाले हैं या नहीं। यह तो जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा होने के बाद तय होगा। जिम्मेदार भी इस पर कुछ नहीं बोल रहे।
लीक हुई सूची में लिखे यह नाम
जिलाध्यक्ष पद के जिन पांच नामों की सूची वायरल हो रही है। उसमें फतेहचंद्र वर्मा, संदीप शाक्य, जितेेंद्र सिंह, वर्तमान जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता, व पूर्व जिलाध्यक्ष भूदेव राजपूत का नाम शामिल है। यह सभी सांसद और विधायकों के करीबी बताए जा रहे हैं। फतेहचंद्र वर्मा पर सांसद मुकेश राजपूत का हाथ बताया जा रहा है। वहीं, संदीप शाक्य अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य के पुत्र हैं। जितेंद्र सिंह और रूपेश गुप्ता सांसद व भोजपुर विधायक के करीबी हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. भूदेव राजपूत को भी सांसद और सदर विधायक का करीबी बताया जा रहा है।
वायरल सूची पर क्या बोले जिम्मेदार
जिला अध्यक्ष रूपेश गुप्ता ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है। जिलाध्यक्ष के नाम की सूची लीक होने की उन्हे जानकारी नहीं है। ऐसा नहीं हो सकता है। यदि ऐसा हुआ है तो मामला गंभीर है। भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर और अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने बताया कि जो सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, उस पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। किसी ने फर्जी सूची बनाकर वायरल की है।