फर्रुखाबाद। जिले की चार विधानसभा सीटों में से तीन पर भारतीय जनता पार्टी ने तीनों विधायकों पर फिर भरोसा जताकर चुनावी रण में उतार दिया है। कायमगंज सीट पर अभी पार्टी ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। यहां से अपना दल से प्रत्याशी उतारे जाने की चर्चा है।
विधानसभा चुनाव में 25 जनवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कांग्रेस ने सिर्फ सदर सीट से प्रत्याशी की घोषणा की है। शुक्रवार शाम को भाजपा ने प्रत्याशियों की सूची जारी की। इसमें जिले की चार सीटों में से तीन सीट पर प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। पार्टी ने फर्रुखाबाद सदर सीट से विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, अमृतपुर से विधायक सुशील कुमार शाक्य और भोजपुर से विधायक नागेंद्र सिंह राठौर को फिर चुनावी मैदान में उतारा है।
इससे अब चुनावी रण में घमासान शुरू हो जाएगा। कायमगंज सीट से विधायक अमर सिंह खटिक की उम्र 74 वर्ष से पार हो चुकी है। इससे भाजपा इस सीट से दूसरा प्रत्याशी उतारेगी। पिछले दिनों सपा से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुईं सुरभि को पार्टी से टिकट मिलने की चर्चा पर दावेदारों ने विरोध जताया था।
यह भी चर्चा है कि भाजपा का अपना दल से गठबंधन के चलते यह सीट अपना दल के खाते में चली गई है। इसी वजह से भाजपा ने कायमगंज सीट से प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी के बेटे हैं मेजर
सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी भाजपा के कद्दावर नेता पूर्व ऊर्जा मंत्री स्व. ब्रह्मदत्त द्विवेदी के बेटे हैं। ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के बाद उनकी पत्नी मां प्रभा द्विवेदी सदर सीट से विधायक चुनी गई थीं। वह प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहीं। 2007 में मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने भाजपा के टिकट पर पहली बार सदर सीट से चुनाव लड़ा था और वह हार गए थे।। 2012 के चुनाव में वह मात्र 147 वोटों से हार गए थे। 2017 के चुनाव में उन्होंने 34877 वोटों से जीत दर्ज कराकर भाजपा का परचम लहराया।
पूर्व सांसद के बेटे हैं सुशील शाक्य
अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य का भाजपा से जन्म से रिश्ता है। उनके पिता दयाराम शाक्य भाजपा के कद्दावर नेता रहे। वह 1977 व 1980 में जन संघ पार्टी से सांसद रहे थे। उनके बेटे विधायक सुशील शाक्य ने भाजपा से 1993 में कायमगंज सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा। 1996 में फिर कायमगंज सीट से चुनाव लड़कर विधायक बने। संगठन के विभिन्न पदों पर रहे। 2002 व 2007 में फिर भाजपा से ही कायमगंज सीट से चुनाव लड़ा। हालांकि दोनों बार चुनाव हार गए थे। 2012 में अमृतपुर क्षेत्र से चुनाव लड़कर तीसरे नंबर रहे थे। 2017 के चुनाव में अमृतपुर सीट से ही उन्होंने भाजपा से जीत हासिल की।
नागेंद्र सिंह पहली बार बने थे विधायक
भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर शुरू से भाजपा में रहे। वर्ष 2007 में वह भाजपा छोड़ बसपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने बसपा के टिकट पर मोहम्मदाबाद से चुनाव भी लड़ा था, लेकिन चुनाव हार गए थे। इसके बाद उनके भाजपा से फिर तार जुड़ गए। 2012 में उन्होंने किसी पार्टी से चुनाव नहीं लड़ा। 2017 में भाजपा के टिकट पर भोजपुर से चुनाव लड़े और जीत गए। भाजपा ने फिर विधायक पर भरोसा जताकर चुनावी मैदान में उतार दिया है।
विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
विधायक सुशील शाक्य। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD