फर्रुखाबाद। विद्युत उत्पदान की कमी से ग्रिड को बचाने के लिए इमरजेंसी कटौती बार-बार की जा रही है। इससे ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट बना है। इस संबंध में ऊर्जा मंत्री ने अपनी फेसबुक आईडी पर पोस्ट डालकर व ट्विट कर उपभोक्ताओं से संयम बनाए रखने को कहा है। यह पोस्ट बिजली अधिकारियों ने विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर की है।
शहरी क्षेत्र को 24, तहसील स्तर पर 20 और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे निर्बाध बिजली देने का सरकार का आदेश है। वर्तमान में यह व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। शहर में 24 की बजाए 22 घंटे और तहसील स्तर और गांवों में सात से आठ घंटे बिजली मिल रही है। इसमें भी 20 से 30 मिनट बिजली देने के बाद इमरजेंसी कटौती की जा रही है। यह सिलसिला 24 घंटे चल रहा है।
निर्बाध बिजली देने में पूरे प्रदेश में समस्या होने पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अपनी फेसबुक आईडी पर पोस्ट डालकर व ट्विट कर कहा है कि विभिन्न कारणों से विद्युत उत्पादन इकाइयों में कोयले की आपूर्ति बाधित हुई है। इससे निर्बाध विद्युत आपूर्ति में व्यवधान आ रहा है। यह समस्या जल्द दूर कर आपूर्ति सामान्य की जाएगी।