फर्रुखाबाद। भ्रष्टाचार की जांच में फंसे डीपीओ को कानपुर मंडलायुक्त को भेजी गई रिपोर्ट में क्लीन चिट दे दी गई है। जबकि तीन सदस्यीय कमेटी की जांच में महिला कल्याण अधिकारी व ब्लाक कोआर्डिनेटर दोषी होने के साथ डीपीओ की संलिप्तता बताई गई थी। इसके बावजूद शिकायत को तथ्यहीन बताकर डीपीओ को बचाने का प्रयास किया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के 500 से अधिक पदों पर जिला कार्यक्रम अधिकारी स्तर से भर्ती होनी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर सहायिका को प्राथमिकता मिलनी है। आरोप है कि डीपीओ कार्यालय से फोन कर एक-एक लाख रुपये रिश्वत मांगी गई।
शमसाबाद के गांव सुल्तानगंज खरेटा निवासी सहायिका वसुधा के पति विजय शर्मा ने महिला कल्याण अधिकारी नेहा मिश्रा व उसके भाई ब्लाक कोआर्डिनेटर से फोन पर रिश्वत के संबंध में हुई बातचीत का ऑडियो वायरल किया था। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ की प्रदेश अध्यक्ष किरण वर्मा ने डीएम से शिकायत कर डीपीओ भारत प्रसाद पर गंभीर आरोप लगाए थे।
जिलाधिकारी ने डीडीओ की अध्यक्षता में वरिष्ठ कोषाधिकारी अतुल तिवारी व एसडीएम नरेंद्र सिंह की कमेटी से जांच कराई। जांच रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती में कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण में शासनादेश का पालन न किया जाना, 32 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं का बिना नोटिस मानदेय रोकने व सेवा समाप्त करने में डीपीओ दोषी पाए गए।
इसके अलावा डीपीओ ने विभाग के छह लिपिकों पर भरोसा न जताकर संबद्ध संविदा कर्मी महिला कल्याण अधिकारी नेहा मिश्रा को आंगनबाड़ी भर्ती की जिम्मेदारी सौंपी। इससे नियमित कर्मचारियों की उपेक्षा हुई। नेहा मिश्रा के भाई कुनाल मिश्रा के आंगनबाड़ी भर्ती के लिए अधिकारियों के नाम पर रिश्वत मांगने के ऑडियो वायरल हुए, इसके बावजूद डीपीओ ने कोई कार्रवाई नहीं की।
जांच रिपोर्ट के सभी बिंदुओं में महिला कल्याण अधिकारी नेहा मिश्रा, उनके भाई कुनाल मिश्रा व पूरे मामले में संलिप्त डीपीओ भारत प्रसाद के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। इसके बावजूद जिलाधिकारी ने कानपुर मंडल आयुक्त को भेजी रिपोर्ट में डीपीओ को किसी भी मामले में दोषी न बताते हुए क्लीन चिट दे दी।
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शिकायत को ही बता दिया तथ्यहीन
जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने मंडलायुक्त को भेेजी रिपोर्ट में कहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ की प्रदेश अध्यक्ष द्वारा 15 जनवरी 2022 को की गई शिकायत काल्पनिक व सारहीन तथ्यों पर आधारित है। जिन पर किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। यह प्रकरण निक्षेपित किए जाने योग्य है। यह भी कहा कि डीपीओ भारत प्रसाद के पास पूर्व में प्रोबेशन का भी चार्ज था। काम की अधिकता की वजह से महिला कल्याण अधिकारी नेहा मिश्रा को संबद्ध किया गया था। आरक्षण में शासनादेश का पालन न किए जाने के संबंध में बाल विकास निदेशालय से मार्ग दर्शन लेने के लिए उन्होंने सीडीओ को निर्देश दिए हैं। विदित है कि जनपद में प्रोबेशन अधिकारी अनिल चंद्र ने 16 जून 2021 को पदभार ग्रहण किया था। इसके बावजूद महिला कल्याण अधिकारी नेहा मिश्रा जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से संबद्ध रही थीं। सीडीओ एम. अरून्मोली ने कई बार नाराजगी जताते हुए महिला कल्याण अधिकारी को प्रोबेशन विभाग के लिए कार्यमुक्त करने के आदेश दिए थे। रिश्वत मांगने का मामला तूल पकड़ने के बाद महिला कल्याण अधिकारी को फरवरी में कार्यमुक्त किया गया था। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट का उन्होंने अवलोकन किया है। आरक्षण के संबंध में बाल विकास निदेशालय से निर्देश मांगे गए हैं। डीपीओ पर कार्रवाई का कोई औचित्य न बनने से उन्होंने कानपुर मंडलायुक्त को रिपोर्ट भेज दी है।