बेस लाइन सर्वे से छूटे 25545 पात्र लाभार्थियों के शौचालय निर्माण को शासन से ऑनलाइन डाटा फीडिंग कर रिपोर्ट मांगी गई है। अब चयनित लाभार्थियों के नाम का आधार कार्ड से मिलान न होने से फीडिंग में पेच फंस रहा है। इससे पंचायत सचिवों को फिर से सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गत वर्ष नवंबर में बेसलाइन सर्वे से छूटे करीब 46 हजार पात्र लाभार्थियों की सूची शासन को भेजी गई थी। इसमें 20346 शौचालय निर्माण को धनराशि जिला पंचायती राज विभाग को अवमुक्त कराई गई, जबकि शेष बचे 25545 शौचालय के डाटा पर रोक लगा दी गई थी।
इस पर रोक हटने के बाद पांच जुलाई को इन लाभार्थियों की ऑनलाइन डाटा फीडिंग कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए। अब तक 11000 लाभार्थियों की डाटा फीडिंग की जा चुकी है। 31 जुलाई तक फीडिंग का कार्य पूर्ण कराया जाना है। इसमें मात्र तीन दिन ही शेष बचे हैं।
विभागीय जानकारी के अनुसार सूची में शामिल लाभार्थियों के नाम का आधार कार्ड से मिलान न हो पाने के चलते पेच फंस रहा है। इससे इन लाभार्थियों के शौचालय निर्माण में रोड़ा लगता दिख रहा है।
जिला पंचायत राज अधिकारी अमित कुमार त्यागी ने बताया कि उन्होंने सचिवों को सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कोई भी पात्र लाभार्थी शौचालय से वंचित रह जाने पर सचिवों को कार्रवाई का अल्टीमेटम भी दिया गया है। डाटा फीडिंग में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए।