नवाबगंज (फर्रुखाबाद)। महिला से अवैध संबंधों में 50 हजार की सुपारी देकर बदमाशों से ऑटो चालक पुष्पेंद्र की हत्या करवाई गई थी। इस मामले में पुलिस ने सोमवार को मुठभेड़ में एटा व मैनपुरी के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इसके साथ ही हत्या करवाने के आरोपी सर्वेश पाल व उसकी पत्नी रेखा देवी समेत तीन को पकड़ लिया गया है। पुलिस ने 13 दिन बाद पुष्पेंद्र हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार सर्वेश के एक रिश्तेदार की पत्नी से पुष्पेंद्र के संबंध हो गए थे।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव पहाड़पुर के पास 23 सितंबर को ऑटो चालक पुष्पेंद्र यादव निवासी न्यामतपुर सरैया थाना मऊदरवाजा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने जिले के साथ ही एटा के भी कुछ लोगों को पकड़कर पूछताछ कर रही थी।
पुलिस के अनुसार रविवार रात करीब एक बजे मुखबिर की सूचना पर जसमई रोड पर सुमनलता डिग्री कॉलेज के पास पुलिस को तीन लोग जाते दिखाई दिए। टोकने पर उन्होंने पुलिस पर फायर झोंक दिए।
जवाबी फायरिंग में महाराज सिंह उर्फ पप्पू जाटव (52) निवासी सेयौना थाना भोगांव जनपद मैनपुरी व भारत शाक्य निवासी अगौनापुर थाना अलीगंज जनपद एटा पैर में गोली लगने से घायल हो गए।
इस मामले में केसराम पाल उर्फ पुत्तन पाल निवासी न्यामतपुर खेड़ा थाना मऊदरवाजा ने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के अनुसार महाराज सिंह के पास से 12 बोर का तमंचा, दो कारतूस, एक खोखा, एक हजार रुपये मिले हैं। वहीं भारत शाक्य के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस, एक खोखा व लगभग एक हजार रुपये मिले हैं।
केसराम के कब्जे से भी पुलिस ने एक कारतूस व एक खोखा बरामद किया। घायल बदमाशों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया गया। इसके बाद घायलों को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। उधर, पुलिस ने आरोपी सर्वेश पाल व उसकी पत्नी रेखा देवी निवासी न्यामतपुर खेड़ा को भी गिरफ्तार कर लिया।
भारत शाक्य और महाराज सिंह ने ऑटो में मारी थी गोली
नवाबगंज। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि पुष्पेंद्र यादव गुरसहायगंज जनपद कन्नौज में रहकर टेंपो चलाता था। आरोपी सर्वेश पाल का एक रिश्तेदार पुष्पेंद्र के पड़ोस में रहता था। पुष्पेंद्र के उसी की पत्नी से संबंध थे।
गांव आकर पुष्पेंद्र शराब के नशे में सर्वेश पाल और उसके भाई केसराम उर्फ पुत्तन पाल के साथ गालीगलौज करता था। इस पर सर्वेश व केसराम ने पुष्पेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 23 सितंबर को सर्वेश ने पहचान के भारत को पूरी घटना बताई तो उसने महाराज सिंह को 50 हजार रुपये में पुष्पेंद्र की हत्या की सुपारी दे दी। इसके बाद सर्वेश ने पुष्पेंद्र को पुठरी गांव बुलाया।
पहाड़पुर जाने वाले संपर्क मार्ग के पास भारत शाक्य और महाराज सिंह पुष्पेंद्र के ऑटो में सवार हो गए। रास्ते में उन्होंने तमंचा सटाकर पुष्पेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। केसराम घटनास्थल से हत्यारों को बाइक से अपने गांव न्यामतपुर खेड़ा ले गया। वहां से भारत व महाराज सिंह को रोडवेज बस से बैठाकर दो हजार रुपये दे दिए। सुपारी के बचे रुपये बाद में देने को कहा।
इसके महाराज सिंह, भारत शाक्य व केसराम ने अपने मोबाइल बंद कर लिए। तीनोें आरोपी बचे हुए रुपये के लेनदेन के लिए करनपुर गांव पहुंचे तो पुलिस ने दबोच लिया।
थानाध्यक्ष अवध नारायण पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार किए गए पांचों लोगों ने अपना गुनाह कबूल किया है। हत्या में प्रयुक्त असलहे भी बरामद कर लिए गए हैं। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। अवैध संबंधों में पुष्पेंद्र की हत्या की गई थी। (संवाद)
भारत की पुष्पेंद्र से थी दोस्ती
सर्वेश कुमार ने भारत शाक्य के पुत्र की शादी अपने मिलने वाले की पुत्री से कराई थी। इस वजह से भारत का सर्वेश के गांव आना-जाना था। इसी दौरान उसकी दोस्ती पुष्पेंद्र से भी हो गई थी। (संवाद)
फोटो-17,फाइल फोटो पुष्पेंद्र