फर्रुखाबाद। अवैध रूप हो रही प्लाटिंग पर प्रशासन ने शिकंजा कसने की तैयारी की है। बिना लेआउट और नक्शे के बने मकानों पर बुलडोजर चल सकता है। सिटी मजिस्ट्रेट ने प्लाट खरीदने से पहले भूखंड का लेआउट पास होने से जुड़े कागज देखने की सलाह दी है।
शहर व आसपास भूखंडों पर प्रापर्टी डीलर अवैध रूप से प्लाटिंग करने में जुटे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव ने कहा कि अवैध रूप से की गई प्लाटिंग में भवन निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। इन प्लाटों पर भवन निर्माण पाए जाने पर ध्वस्तीकरण भी कराया जा सकता है। उन्होंने लोगों को सचेत किया है कि उन्हीं भूखंडों में प्लाट खरीदें, जिनका लेआउट पास करा लिया गया हो।
उन्होंने ब्लैकलिस्ट लेआउट प्लाटिंग की सूची भी जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि प्लाट खरीदने से पहले वैध लेआउट जरूर देखें। अन्यथा कराया गया निर्माण ध्वस्त करा दिया जाएगा। जिन लोगों ने प्लाट खरीद लिए हैं वह लेआउट स्वीकृत कराने की कार्रवाई पूरी कर लें।
वैध प्लाटिंग के यह हैं मानक
वैध लेआउट में सड़क की चौड़ाई नौ मीटर (30 फिट) होनी चाहिए। भूखंड का 15 प्रतिशत क्षेत्रफल पार्क के लिए आरक्षित हो। सड़क, नाली व बिजली की व्यवस्था हो। इसके अलावा 10 प्रतिशत भूमि दुर्बल आय व 10 प्रतिशत अल्प आय वर्ग के लिए आरक्षित होनी चाहिए। फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ महायोजना में आवासीय भू-उपयोग के अंतर्गत ही भूखंड होने चाहिए।