फर्रुखाबाद। शहर के कादरीगेट रोड पर छिटपुट विरोध के बीच बुधवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चला। एक घंटे में 15 मकानों व दुकानों के अवैध हिस्सों को जमींदोज कर दिया गया। अफसरों की सख्ती के चलते रसूखदार भी अपनी इमारतों के लिंटर तुड़वाने लगे।
सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव व ईओ रविंद्र कुमार पुलिस बल और दो बुलडोजर के साथ सुबह साढ़े सात बजे कादरीगेट रोड स्थित गिहार बस्ती पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले इंद्रभान सिंह की स्थगनादेश वाली दो दुकानों को गिराया। इसके बाद मीना गिहार, धर्मवीर, पवन, हेमा और चंद्रभान के दो मंजिला मकानों का अवैध हिस्सा तुड़वा दिया। एक मकान का चंद हिस्सा ही शेष रहा।
इसके अलावा आरएस सिंह की दो मंजिला दुकान गिरा दी गई। रमेशचंद्र कठेरिया की दुकान और मकान का बाहरी हिस्सा गिरा दिया गया। दूसरी मंजिल पर बना आधा हिस्सा खुद गिराने के आश्वासन पर छोड़ दिया।
आरएस सिंह के पास एक दो मंजिला मकान को गुरुवार तक गिराने की हिदायत दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने करीब 15 दुकानों और मकानों का अवैध हिस्सा गिरवा दिया। गिहार बस्ती में बुलडोजर पहुंचने पर कुछ महिलाओं ने विरोध किया, मगर पुलिस की सख्ती से वह शांत हो गईं।
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अतिक्रमण की जद में रहीं इमारतों को रसूखदार भी खुद गिरवाते दिखे। एक प्लाईवुड दुकानदार कई मजदूरों को लगाकर तीन मंजिला मकान तुड़वाने लगे। उनके दो बड़े पिलर भी सरकारी जमीन पर खड़े थे। दो कोल्ड स्टोर के स्वामी भी अपनी बाउंड्रीवाल को तुड़वाते दिखे। कई अन्य लोगों ने भी खुद अतिक्रमण हटा लिया।
रामलीला गड्ढा की ओर आधा मकान छोड़ा
मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने रामलीला गड्ढा की ओर गली में चूने से निशान लगवाया, तो मीना का मकान का सात फीट हिस्सा ही बच रहा था। बुलडोजर चला तो सिटी मजिस्ट्रेट को बच्चों पर रहम आ गया। उन्होंने निशान से करीब पांच फीट जगह और छोड़ दी।
महिलाओं ने जाम लगाने का किया प्रयास
नौ बजे अतिक्रमण हटाने का काम बंद हो गया। प्रशासनिक अधिकारी चले गए, तो गिहार बस्ती की महिलाओं की भीड़ रोड पर जमा हो गई। कुछ महिलाएं मकान का मलबा उठाकर रोड पर रखकर प्रशासन को कोसने लगीं। कहा कि गरीबों का मकान गिरा दिया, मगर पीछे छोड़ दिया गया। महिलाएं जाम लगाने का प्रयास कर रही थीं, तभी पीएसी का खाली ट्रक आता दिखा, इस पर महिलाएं दूर हो गईं।
बुलडोजर की टक्कर से मकान का बचा हिस्सा हुआ बेकार
जिन मकानों और दुकानों को बुलडोजर से तोड़ा गया है, उनका शेष हिस्सा बेकार हो गया। जो लिंटर और दीवारें बची हैं, वह सभी हिल चुकी हैं। आने वाले दिनों में बारिश के दौरान कभी भी बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। गिहार बस्ती के दो मंजिला भवन बिना पिलर के ही बने हैं। इससे और ज्यादा खतरा है।
बजरिया में भी हटा रहे अतिक्रमण
तय कार्यक्रम के अनुसार, गुरुवार को बजरिया में अभियान चलना था, मगर लेटलतीफी के चलते अभियान करीब सात दिन पीछे चल रहा है। बजरिया मुख्यमार्ग पर लोग अपने मकानों, दुकानों का अतिक्रमण तोड़ने में लगे हैं।