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मोहलत लेकर भी नहीं तोड़े कब्जे, बुलडोजर ने ढहाए

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सेनी में दुकानें तोड़ती जेसीबी। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। मसेनी-लोको रोड पर सुबह अतिक्रमण हटाया गया। कुछ लोगों ने मोहलत लेकर भी अवैध कब्जे नहीं हटाए तो बुलडोजर ने उन्हें ढहा दिया। एक लेखपाल को छज्जा गिराने के लिए दो दिन का समय दिया गया। नापजोख को लेकर कई लोगों ने भेदभाव का आरोप लगाया।
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सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव, ईओ रविंद्र कुमार फोर्स व कर्मचारियों के साथ मंगलवार सुबह मसेनी चौराहे पर पहुंचे। वहां अनिल कटियार की दुकानें पहले ही तोड़ी जा चुकी थीं। मकान तोड़ने के लिए उनको मोहलत दी गई थी। इसके बाद भी अनिल ने मकान नहीं तोड़ा था।
सिटी मजिस्ट्रेट ने दो जेसीबी लगवाकर मकान तुड़वा दिया। इसके बाद तीसरी जेसीबी से चबूतरे व छज्जे गिरवा दिए। लेखपाल बंटू राठौर के मकान के बाहर नाप में छज्जा आ गया। उसको गिराने के लिए जेसीबी आगे गई तो लेखपाल ने दो दिन की मोहलत मांगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने लेखपाल को खुद छज्जा गिरवाने की हिदायत दी।
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पड़ोसी का चबूतरा व नांद तोड़वा दिया। सीमेंट की दुकान के बाहर अतिक्रमण को गिरवा दिया। गेस्ट हाउस के बाहर बनी दुकान व मंदिर का चबूतरा हटवाया गया। वहां पर कुछ लोगों ने नापजोख को लेकर आरोप लगाया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि यहां सड़क 17 फीट की है और आगे नौ फीट ही है।
नक्शे के हिसाब से ही अतिक्रमण हटाया जा रहा है। जगन्नाथ सिंह के घर के बाहर छज्जा नहीं तोड़े जाने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने नाराजगी जाहिर की। घर की महिलाओं ने मजदूर न मिलने का हवाला देकर हाथ जोड़कर मिन्नतें कीं।
सिटी मजिस्ट्रेट ने उनको दो दिन की मोहलत दी। दूसरी ओर की दो दुकानें अतिक्रमण में पाई गईं। दुकानदार ने मजदूर बुलाकर तोड़-फोड़ शुरू करा दी। रेलवे की भूमि तक अभियान चलाया गया।
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