फोटो-07, सीएमओ कार्यालय परिसर में जश्न मनाती आशा कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : यूपीएसआईसी कार्यशाला में मौजूद कांच निर्यातक व विभागीय अधिकारी। संवाद
फर्रुखाबाद। जनपद में 15 दिसंबर से 14 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दे रहीं आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को उप मुख्यमंत्री के आश्वासन पर हड़ताल समाप्त कर दी। इस निर्णय के बाद धरनास्थल पर खुशी की लहर दौड़ गई और कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया।
प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आशा वर्कर्स यूनियन की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में धरना शुरू किया गया था। उनकी प्रमुख मांगों में 24 हजार रुपये मासिक मानदेय, ईपी लाभ, 10 लाख रुपये का बीमा, सरकारी कर्मचारी का दर्जा और मदवार भुगतान को वेतन में जोड़ने आदि मांगें शामिल थीं। 56 दिनों तक चले धरना प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय का घेराव भी किया था जिस पर सीएमओ ने कलक्ट्रेट सभागार में उनसे मुलाकात की थी। नौ फरवरी को लखनऊ में कार्यकर्ताओं ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया था। जनपद में करीब 1600 आशा कार्यकर्ता तैनात हैं जिनका एक वर्ष का 1.81 करोड़ रुपये भुगतान भी लंबित था। फिलहाल तीन दिन पहले सीएमओ ने स्थानीय स्तर की समस्याओं का निस्तारण और बकाया भुगतान कराने का आश्वासन दिया था।
प्रदेश स्तर की मांगों के संबंध में उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर समस्या निवारण की आख्या मांगी थी। उप मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की।
धरना स्थल पर खुशी में किया नृत्य
हड़ताल समाप्त होने की घोषणा के साथ ही धरना स्थल पर साउंड सिस्टम मंगाया गया और गाने बजाए गए। आशा कार्यकर्ताओं ने खुशी में जमकर नृत्य किया। यूनियन की जिलाध्यक्ष मिथलेश सोलंकी और सचिव सपना कटियार ने बताया कि 14 मांगों में से 12 मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया है। चार दिनों के भीतर इन मांगों पर सुनवाई होने की उम्मीद है। यहां पर उर्मिला, नीलेश, ज्ञान देवी, सोनी, सुनीता, नीलम, मंजू आदि रहीं।