फर्रुखाबाद। सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति के सभापति सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी के साथ बुधवार को पहुंचे प्रधान प्रबंधक संचालन (जीएम) अंकुर विकास के जाते ही बस अड्डा की हालात जस की तस हो गई। ठेली खोमचे फिर से सज गए। परिसर में कूड़े के ढेर लगे मिले। आश्वासन के बावजूद कैंटीन की हालत भी जस की तस रही। हालांकि यात्री प्रतीक्षालय में खड़ी होने वाली बाइकें नहीं दिखाई दीं।
सदर विधायक ने जीएम और आरएम की मौजूदगी में बस अड्डा को यात्री सुविधाओं के लिए शानदार बनाने की मंशा से तमाम निर्देश जारी किए थे। कुछ भाजपा नेताओं ने ठेली खोमचे लगवाने का आरोप लगाया था, तब एआरएम ने उनकी बात को झुठलाने का प्रयास किया था। मगर सच बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे सामने आ गया। बस अड्डा पर उसकी जमीन पर बसों के सामने 30 से अधिक ठेली खोमचे लगे थे। इससे बसों के निकलने ही नहीं यात्रियों और परिजनों को आने-जाने में खासी दिक्कत हो रही है।
बस अड्डे को चूना डालकर साफ सुथरा कराया गया था। अधिकांश बसों को प्लेटफार्मों पर लगाया गया, मगर आज सभी प्लेटफार्म खाली पड़े थे। मनमानी इतनी कि कूड़े का ढेर पीने की टोटियों के पास लगा था। हालांकि हर रोज यात्री प्रतीक्षालय में खड़ी होने वाली स्टाफ की बाइकों को सख्ती के साथ रोका गया है। कुछ बाइकें शौचालय के सामने तो कुछ बाइक स्टैंड में खड़ी दिखीं। भवन में बनी कैंटीन (जलपान गृह) को शीघ्र चालू करने के निर्देशों का भी पालन नहीं दिखा। हालात जस की तस थे।
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स्टाफ के रुकने की जगह तक नहीं
बस अड्डा पर रात्रि विश्राम करने के लिए दूरदराज से आने वाले चालक-परिचालकों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। यहां बने तीन कमरों में कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी, पहुंच वाले कर्मचारी काबिज हैं। उसी में नाश्ता खाना बनाते और आराम करते हैं। जबकि चालक-परिचालकों को अब सर्दी में दिक्कतों का सामना करना प़ड़ेगा।
-जीएम और सभापति ने जो भी निर्देश दिए हैं, उसकी अनुपालन आख्या आरएम स्तर से तैयार होगी। उन्हें जो भी निर्देश मिलेंगे, उसका तुरंत पालन किया जाएगा। बाइकें हटवा दी हैं। कूड़ा नहीं उठा तो संबंधित पर कार्रवाई करेंगे। ठेली खोमचे सख्ती के साथ नियमित रूप से हटवाने की व्यवस्था करेंगे।
-राजेश कुमार, एआरएम, फर्रुखाबाद डिपो।