फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरोग्य मेला: कहीं डॉक्टर नहीं तो कहीं दवाएं

विज्ञापन
प्रथमिक स्वास्थ्य केंद्र रकाबगंज में मरीज देखतीं डॉ. शोभा सक्सेना। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कहीं दवाएं नहीं तो कहीं डॉक्टर की ड्यूटी ही नहीं लगी। नोडल अधिकारियों के निरीक्षण न करने से स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। इस ओर जिम्मेदार ध्यान भी नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन

स्वास्थ्य सेवाएं गरीबों तक पहुंचाने के लिए रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे आरोग्य मेलों में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। नगरीय पीएचसी भोलेपुर में डॉ. संध्या वर्मा की ड्यूटी कागजों तक सीमित है। वह कभी आरोग्य मेले में आती ही नहीं हैं।
फार्मासिस्ट अखिलेश मरीज देखकर दवाएं दे रहे हैं। दोपहर 12:30 बजे तक नौ मरीज आए। इनमें तीन मरीजों की एलटी विनय कुमार ने शुगर जांच की। सीएचओ अंजली, स्टाफ नर्स विजय लक्ष्मी शाक्य आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन

शहर की नौलक्खा पीएचसी पर आरोग्य मेला संविदा कर्मियों के भरोसे चल रहा है। यहां एमबीबीएस डॉ. मधु अग्रवाल कभी जाती ही नहीं हैं। आयुष डॉ. नवनीत गुप्ता ने दोपहर तक कुल 11 मरीज देखे। इनमें सर्वाधिक मरीज खांसी, जुकाम के थे। अस्पताल में खांसी की सीरप, खुजली का ट्यूब व आंख का ड्राप नहीं है। आयुष दवाएं उपलब्ध न होने से आयुष चिकित्स एलोपैथिक इलाज कर रहे हैं।
नगरीय पीएचसी साहबगंज में डॉ. अंजुला गोस्वामी ने दोपहर 1:07 बजे से 28 मरीज देखे। इनमें खुजली व जुकाम के अधिक मरीज थे। एलटी आदर्श त्रिपाठी ने नौ मरीजों की जांच की। पीएचसी रकाबगंज में दोपहर 1:15 बजे तक डॉ. शोभा सक्सेना ने 26 मरीजों को देखकर दवा दी। इनमें 12 गर्भवती महिलाओं ने अपनी जांच कराई। दोनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता पर्याप्त बताई गई।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साहबगंज में मरीज देखतीं डॉ. अंजुला गोस्वामी। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें