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सेना भर्ती रैली का दूसरा दिन-फर्जी अभिलेख लेकर आए दो युवक धरे गए

Tue, 06 Jan 2015 11:13 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
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फतेहगढ़ में चल रही सेना भर्ती रैली के दूसरे दिन । मंगलवार क ो 13500 में से दस हजार युवक ही मैदान तक पहुंच सके। इनमें एक हजार युवक दौड़ परीक्षा में पास हुए। इस दौरान फर्जी अभिलेख लेकर आए दो युवकों को जवानों ने पकड़ लिया। वहीं दौड़ में सहयोग करने के लिए एथलेक्टिस ट्रेनर भी दूसरों के अभिलेखों का सहयोग लेकर पहुंच रहे हैं। इन पर नजर रखनी शुरू हो गई है।
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मंगलवार को फर्रुखाबाद के युवकों की सेना भर्ती थी। इसमें 13500 युवकों ने टोकन लेकर हाइट की नाप कराई। इनमें से 10 हजार पास हो सके। इनमें एक हजार युवक दौड़ परीक्षा पास कर पाए। करियप्पा मैदान में दौड़ के दौरान ब्रिगेडियर एमडी चाको ने दो युवकों को शक होने पर पकड़ लिया। एक े अपना नाम दीपक कुमार निवासी जिला  अलीगढ़ बताया। दूसरे अपना नाम हेमंत निवासी नेकपुर चौरासी बताया। मोहल्ला नेकपुर चौरासी बढ़पुर क्षेत्र में है या शहर में वह नहीं बता पाया।

इनके फर्जी अभिलेखों से शामिल होने के अंदेशे पर दौड़ मैदान से बाहर कर दिया गया। दौड़ के दौरान एक युवक चौथे राउंड में आगे होने के बाद  फाइनल तक पहुंचा तो वह एक किनारे गिर पड़ा। कुछ देर बाद उठ कर चल दिया। इससे सेना के अधिकारियों को  उसके ट्रेनर होने की आशंका हुई। उपमहा निदेशक सेना भर्ती ब्रिगेडियर एमडी चाको ने बताया कि दीपक
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और हेमंत को पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा। कुछ लोग फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे दौड़ मैदान तक आ जाते हैं। इस तरह के लोग अभिलेख जांच और बायोमैट्रिक जांच के दौरान निकाल दिए जाएंगे। उनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।

टोकन न मिलने पर हंगामा, खदेड़ा
फर्रुखाबाद। टोकन वितरण स्थल पर देरी से आए युवकों ने टोकन न मिलने पर हंगामा किया। यहां तैनात सेना के जवान और पुलिस ने लाठी फटकार कर युवकों को खदेड़ दिया। दूसरे दिन युवकों को बरगदियाघाट पर अभिलेखों की जांच के बाद टोकन दिया गया। इनका वितरण 8.30 सुबह बंद कर दिया। समय समाप्ति के बाद लगभग दो सौ छात्र बरगदियाघाट पर पहुंचे और

अभिलेखों की जांच कराने व टोकन दिए जाने की मांग करने लगे। इनको टोकन देने से मना कर दिया गया। इससे नाराज युवक हंगामा करने लगे। यह देख पुलिस ने सेना के जवानोें के साथ सड़क पर लाठी फटकार कर इनको काफी दूर तक खदेड़ा। सेना के जवान और पुलिस की डर से युवक  बदगदियाघाट सिविल लाइन में इधर उधर गलियों में छिप गए। पुलिस के जाने के बाद वह गलियों से निकल कर वहां से चले गए।

लैब का तोड़ा गेट, जला दिया फर्नीचर
फर्रुखाबाद। सेना भर्ती में आए युवकों ने सोमवार की रात राजकीय इंटर कालेज फतेहगढ़ की लैब का गेट तोड़ दिया। यहां रखे फर्नीचर को निकाल कर अलाव जलाया। इसकी जानकारी पर कर्मचारी ने पहुंच कर युवकों को शांत कराया। रैली में आने वाले युवकों को ठहराने के लिए जिला प्रशासन ने आठ स्कूलों को अधिकृत किया है। इसमें फतेहगढ़ में तीन और शहर में पांच स्कूल हैं।

टोकन वितरण स्थल बरगदियाघाट के निकट जीआईसी और एमआईसी हैं। इस कारण यहां सर्वाधिक युवक ठहरते हैं। इन स्कूलों में प्रशासन की ओर से अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई। सोमवार की रात राजकीय इंटर कालेज फतेहगढ़ में सर्दी लगने पर युवकों ने जीवविज्ञान की लैब का गेट तोड़ दिया। अंदर रखे फर्नीचर को निकाला और जलाकर ताप लिया।

इसकी जानकारी पर मिलने पर स्कूल कर्मचारी आया और प्रधानाचार्य को ानकारी दी। प्रधानाचार्य के निर्देश पर कुछ शिक्षक रात में स्कूल पहुंचे और युवकों को समझाकर शांत किया। मंगलवार को लैब का गेट सही कराया गया।

रायबरेली में रैली कराने को फंसा पेंच
फर्रुखाबाद। उपमहानिदेशक सेना भर्ती ब्रिगेडियर एमडी चाको ने बताया कि रायबरेली में आठ जिलों की सेना भर्ती रैली होनी है।  जिला प्रशासन ने अभी तक तीन जिलों की रैली की अनुमति दी है। इस कारण रायबरेली में रैली कराने पर पेंच फंस गया है। यह रैली रायबरेली में कराई जाए या इलाहाबाद में,  इसको लेकर असमंजस है।

ब्रिगेडियर चाको ने बताया कि प्रदेश सरकार का सहयोग न मिलने से एआरओ आगरा की दो, अमेठी और वाराणसी की एक-एक रैली नहीं हो पा रही है। यह रैलियां मार्च तक कराई जानी हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव के पास पत्र भेजा गया था। इसका जवाब नहीं आया है।

रायबरेली में आठ जिलों की रैली कराया जाना है। वहां के डीएम ने अभी तक तीन जिलों की रैली की अनुमति देकर कहा है कि अन्य जिलों की रैली इलाहाबाद में कराई जाए। इस कारण रैली कराए जाने पर पेंच फंसा हुआ है। प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव को जो  पत्र भेजा है, उसका जवाब 10 जनवरी तक मांगा है।  जवाब आने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
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