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बर्खास्त आरमरर को क्लीन चिट, भट्टा मालिक पर रिपोर्ट

Thu, 24 Dec 2015 11:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
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कमालगंज। खंता नाले में प्रतिबंधित कारतूसों के खोखे मिलने की जांच कर रही पांच सदस्यीय टीम ने अपनी रिपोर्ट में बर्खास्त आरमरर को क्लीन चिट दे दी है। इसमें भट्ठा मालिक को खोेखे नाले में डालने का आरोपी ठहराया है। इस रिपोर्ट के आधार पर दरोगा ने भट्टा मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
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कमालगंज थाना क्षेत्र के खंता नाले में 30 नवंबर से प्रतिबंधित कारतूसों के खोखे मिलने का सिलसिला शुरू हुआ था। जांच कमेटी में सीओ सिटी योगेश कुमार, आरआई राजाराम, कमालगंज एसओ यतेन्द्र यादव और एक एलआईयू के दरोगा व आरमरर को शामिल किया गया था।

खंता नाले से 10560 प्रतिबंधित कारतूसों के खोखे मिलने के बाद खोखोें की तलाश बंद कर दी गई। 24 दिन तक जांच करने के बाद कमेटी के सदस्यों ने बर्खास्त आरमरर असगर अली की पत्नी अनीषा का प्रधानी चुनाव खराब करने के उद्देश्य से खंता नाले में कारतूसों के खोखे डालने का मामला पाया। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि खंता नाले के पास नए भट्ठे का निर्माण हुआ है।
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भट्ठा मालिक अफसर अली का भाई असगर अली पुलिस से बर्खास्त आरमरर बताया गया है। अफसर अली का पुत्र गांव की एक लड़की को भगा ले गया था। इसका असगर अली ने विरोध किया। वहीं, अफसर अली का दूसरा पुत्र दिल्ली मेें रहता है। उससे असगर अली को रुपये चाहिए था। दोनों भाइयों में रंजिश चल रही है। असगर अली की पत्नी अनीषा बेेगम ने प्रधानी चुनाव लड़ने के लिए पर्चा भरा था। इनका चुनाव खराब करने के इरादे से अफसर अली ने नाले में कारतूस षड़यंत्र के तहत डाले थे।

जांच कमेटी में अपनी रिपोर्ट में बर्खास्त आरमरर को क्लीन चिट दे दी और भट्ठा मालिक को आरोपी ठहराया है। कारतूसों के मामले को रफादफा करने के लिए जांच कमेटी ने 24 दिन में आधी अधूरी जांच कर अपनी रिपोर्ट दी और भट्ठा मालिक अफसर अली निवासी कतरौली पट्टी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर मामले को समाप्त कर दिया है।
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