फर्रुखाबाद। ठेकेदार शमीम हत्याकांड के मुकदमे के चश्मदीद इदरीश की बुधवार को जिला जज की अदालत में गवाही हुई। गवाह ने अदालत में हत्या के आरोप डॉ. अनुपम दुबे और बाल किशन की पहचान की। उसने कोर्ट को बताया कि वारदात के दौरान अनुपम दो नाली बंदूक और अन्य हमलावर तमंचे लिए थे। मुकदमे की गुरुवार को भी सुनवाई होगी।
कन्नौज के समधन निवासी ठेकेदार शमीम की 26 जुलाई 1995 में फतेहगढ़ में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या में बसपा नेता अनुपम दुबे और बालकिशन उर्फ शिशु आरोपी हैं। अनुपम मैनपुरी और शिशु जिला जेल में बंद है। मुकदमे की सुनवाई जिला जज की अदालत में चल रही है। बुधवार को चश्मदीद इदरीश की गवाही हुई। इदरीश को समधन से पुलिस सुरक्षा में अदालत तक लाया गया। दोनों आरोपी भी अदालत में पेश हुए।
जिला शासकीय अधिवक्ता सुदेश प्रताप सिंह ने बताया कि इदरीश ने अपने बयान में बताया कि गांव के सरफराज के साथ 26 जुलाई 1995 फतेहगढ़ कचहरी आया था। उसकी शमीम से मुलाकात हुई थी। बजरिया मोड़ से पीछे
पांच लोगों ने गोली मार कर शमीम की हत्या कर दी थी। गवाह ने कोर्ट में मौजूद आरोपी अनुपम दुबे और बाल किशन की पहचान भी की। उसने कहा कि अनुपम के पास डबल बैरल बंदूक (दो नाली) और अन्य आरोपियों के पास पर तमंचे थे।
आरोपी के अधिवक्ता जितेंद्र सिंह चौहान ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर बताया कि बार काउंसिल के आह्वान पर बुधवार को वकील न्यायिक कार्य से विरत हैं। इससे जिरह करने के लिए समय दिया जाए। जिला जज चवन प्रकाश ने प्रार्थनापत्र स्वीकार कर 21 अक्तूबर की तिथि मुकदमे में लगाई है।
जिला जज ने फतेहगढ़ कोतवाल को गवाह को पुलिस सुरक्षा में घर पहुंचाने और गुरुवार को पुलिस सुरक्षा में घर से कोर्ट में लाने का आदेश दिया है।
शमीम हत्याकांड मुकदमे में बसपा नेता अनुपम दुबे व बालकिशन उर्फ शिशु की जिला जज की अदालत में पेशी के दौरान कचहरी परिसर की सुरक्षा बड़ा दी गई। अनुपम दुबे की निगरानी करने में सीओ मोहम्मदाबाद, फतेहगढ़ कोतवाल करीब 40 से 50 पुलिस कर्मियों के साथ डटे रहे। अनुपम के आने और जाने के दौरान गेट पर सुरक्षा और बढ़ा दी गई। मैनपुरी से इंस्पेक्टर एक दर्जन पुलिस कर्मियों के साथ अनुपम को पेशी पर लाए थे।