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हकीकत बयान कर रहे अंगूरीबाग के नाले

Thu, 14 Jan 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
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फर्रुखाबाद। वस्त्र छपाई कारखानों के निरीक्षण में टीम को कहीं भी काम होते नहीं मिला। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई ने यह दावा भी किया है। इससे उलट अमर उजाला को बुधवार को अंगूरी बाग इलाके में काम होता मिला। यहां की नालियों में बह रहा रंगीन पानी इसकी तस्दीक भी कर रहा था। कारखाने बंद कराने के दौरान वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग सेवा संस्थान के  अध्यक्ष से जेई की नोकझोंक भी हुई।
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शहर में वस्त्र छपाई के 108 कारखाने पंजीकृत हैं। इनमें से 32 में ही ट्रीटमेंट प्लांट लगा है। बाकी का रंगीन पानी गंगा में पहुंचता है। प्रशासन ने स्नान पर्वों से दो दिन पहले कारखानों को नोटिस देकर बंदी का फरमान जारी किया है। बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट शिवबहादुर सिंह, तहसीलदार आरपी चौधरी व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई प्रखर क टियार ने जटवारा जदीद व अंगूरी बाग में छापामारी की।

जटवारा जदीद में वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग सेवा संस्थान के  अध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा से टीम की नोकझोंक हो गई। इनका कहना था कि बंदी से करीब 10 हजार मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे। प्रशासन संयुक्त ट्रीटमेंट प्लांट लगवाए। टीम इन्हें कारखाना बंद करने की हिदायत देकर चली गई। चंद्रपाल का धर्मेंद्र शर्मा, राजकुमार, असलम, जितेंद्र,  रामसेवक, नितिन, देवेंद्र , आशीष कुमार ने भी समर्थन किया।
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इसके बाद टीम ने अंगूरीबाग में छापा मारा। यहां करीब 45 कारखानाें का मुआयना किया। प्रखर कटियार ने कारखाने बंद होने दावा किया है। वहीं, अमर उजाला को अंगूरी बाग इलाके में मजदूर वस्त्रों पर प्रिंट करते मिले। वस्त्रों पर रंगाई चल रही थी। इनका रंगीन पानी नालियों में बह रहा था।
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