कमालगंज। लाखों की लागत से बनी सड़क एक माह बाद ही उखड़ गई। पीडब्लूडी मंत्री के आदेश पर बनी समिति को निर्माण कार्यों की जांच करनी थी। उखड़ी सड़क की मरम्मत करने आए जेई को ग्रामीणों ने घेर लिया। इसके चलते जेई को सड़क बिना मरम्मत कराए ही लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने जेई पर धमकाने का आरोप लगाया है।
पीडब्लूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव के आदेश पर निर्माण कार्यों की जांच करने के लिए एक समिति बनाई गई है। समिति को निर्माण कार्यों की जांच की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपनी है। 31.32 लाख की लागत से जीरागौर मोड़ से नंगू नगला तक 750 मीटर सड़क एक माह पहले बनाई गई थी। यह सड़क जगह-जगह से उखड़ी पड़ी है। जांच की भनक लगने पर बुधवार को जेई सिपाही राम सड़क पर बने गड्ढों को भरवाने के लिए नंगू नगला पहुंचे। सूचना पर ग्रामीण भी पहुंच गए। उन्होंने जेई को घेर लिया।
ग्रामीणों ने जब जेई से मानक के बारे में पूछा तो वह झल्ला उठे और कहा कि मानक में उन्हें मात्र 2 सेंटीमीटर डामर डालने के आदेश थे। ग्रामीणों ने सड़क उखड़ने पर प्रदर्शन भी किया। ग्रामीणों ने जेई सिपाहीराम पर आरोप लगाया कि जब उन्होंने जेई से कहा कि वह घटिया निर्माण की शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे तो जेई ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि शिकायत कहीं करो। भुगतान करना तो हमारे हाथ में है।
इस दौरान नरेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, शीशराम, राजू, अशोक कुमार, सोनेलाल, ज्वाला सिंह, शेर सिंह, इमरान खां, लालाराम, गुरुबख्श, नौशाद और अब्दुल शमीम समेत दो दर्जन से ज्यादा ग्रामीण मौजूद रहे।
इस संबंध में जेई सिपाही राम ने बताया कि चुनाव के दौरान लोक निर्माण विभाग से 750 मीटर सड़क 31.32 लाख की लागत से ठेकेदार संजय ने बनवाई थी। अधिक लोड के वाहनों के गुजरने से सड़क उखड़ गई है। उसकी मरम्मत करवाई जाएगी।