फर्रुखाबाद। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में लाभार्थियों के पोषण ट्रैकर एप और फेस ऑथेंटिकेशन मॉड्यूल के माध्यम से शून्य प्रगति वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर सेवा समाप्ति की तलवार लटक गई है। कुल 32 केंद्रों की प्रगति शून्य है। एक सप्ताह में सुधार कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों का सच जानने के लिए संचार प्रणाली का उपयोग कर रही है। इसी के चलते केंद्रों पर शिक्षारत बच्चों की ट्रेकर एप और फेस ऑथेंटिकेशन मॉड्यूल का उपयोग कर रही है। उन्होंने जब जिले की प्रगति रिपोर्ट देखी, तो बेहद खराब प्रगति मिली। हालात ऐसे हैं कि -मोहम्मदाबाद के 11, नवाबगंज तीन, शमसाबाद के सात, कायमगंज, बढ़पुर व कमालगंज के दो-दो, शहर के एक, राजेपुर के चार समेत कुल 32 केंद्रों की प्रगति शून्य पाई गई। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि सीडीपीओ और अन्य कार्यकर्ता रुचि नहीं ले रहे। पिछली साल नवंबर से अभी तक अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। शून्य प्रगति बेहद खेदजनक है। यह संबंधित कार्यकर्ताओं की घोर लापरवाही है।
सीडीओ अरविंद कुमार मिश्र ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करके एक सप्ताह में स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। जो आंगनबाड़ी समय से जवाब नहीं देगी, उसका मानदेय रोककर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी। सीडीपीओ और मुख्य सेविका को निर्देश दिए कि एक सप्ताह में शून्य प्रगति वाले कार्यकर्ताओं का मानदेय रोकने और सेवा समाप्ति की कार्रवाई करें। जो श त प्रतिशत काम न करे, उसका मानदेय रोका जाए। आदेश न मानने पर सीडीपीओ, मुख्य सेविका भी जिम्मेदार होंगी।