फर्रुखाबाद। साथी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के विरोध में मंगलवार को एंबुलेंस के चालक और ईएमटी डीएम को प्रार्थनापत्र दिया। मामले की जांच कराने के बाद ही कार्रवाई की मांग की गई है।
एंबुलेंस चालक अखिलेश कुमार और ईएमटी लोकेश कुमार पर कानपुर रेफर किए गए मरीज को निजी अस्पताल में भर्ती कराने का प्रयास करने, रुपये मांगने और रुपये की मांग पूरी न होने पर मरीज को रास्ते पर उतारने का आरोप लगाया गया है।
शहर के नलकूप कालोनी बेवर रोड निवासी विजय कुमार शुक्ला ने जिलाधिकारी को शिकायतीपत्र दिया था। इसमें आरोप है कि मां मुन्नी देवी (83) को लोहिया अस्पताल से हायर अस्पताल रेफर किया गया था। एएलएस एंबुलेंस से कानपुर ले गए थे। एंबुलेंस चालक और ईएमटी ने मरीज को निजी अस्पताल में भर्ती कराने का प्रयास किया और रुपये मांगे। रुपये न देने पर मरीज को कानपुर में रास्ते पर उतार दिया। डीएम के आदेश पर और चालक के खिलाफ तीन मार्च को एफआईआर दर्ज करा दी गई थी।
एफआई दर्ज कराने के विरोध में मंगलवार को एंबुलेंस एसोसिएशन के जिला संरक्षक नवीन बाबा, जिलाध्यक्ष कश्मीर कनौजिया, सुखदेश सिंह, अजीत, अखिलेश, लोकेश आदि ने कलक्ट्रेट में डीएम को प्रार्थनापत्र दिया। इसमेें चालक व ईएमटी पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। ये भी कहा कि मरीज को वापस लाने का नियम नहीं है। दबाव डालने पर ईएमटी ने शिकायतकर्ता विजय शुक्ला की हेडक्वार्टर में बात भी करा दी थी। संगठन नेताओं ने जांच कराने और आरोप सिद्ध होने पर ही कार्रवाई की मांग की है।