फर्रुखाबाद। कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलधिकारी ने आयुष्मान पखवाड़ा चलाए जाने के संबंध में वार्ता की। उन्होंने कहा कि 24 मार्च तक अभियान चलाकर गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए कामन सर्विस सेंटर, सीएचसी के अलावा गांवों में भी कैंप लगाए जाएंगे।
जनपद में आयुष्मान के तहत 1,36098 परिवार चयनित हैं। इनमें 51 हजार परिवारों के एक लाख 34 हजार गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। करीब 6.80 लाख गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं। मात्र 20 प्रतिशत लक्ष्य पूरा होने के चलते 10 से 24 मार्च तक आयुष्मान पखवाड़ा चलाकर गोल्डन कार्ड मुफ्त बनाए जाएंगे।
जागरूकता के लिए मेडिकल मोबाइल यूनिट एंबुलेंस, बैनर, वाल पेंटिंग व हैंडबिल से प्रचार होगा। सीएमओ डॉ.वंदना सिंह ने बताया कि जिन लाभार्थियों का नाम सूची में शामिल है, जिसके पास प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का हस्ताक्षरित पत्र है, वह आधार कार्ड, राशन कार्ड या परिवार रजिस्टर साथ ले जाकर कामन सर्विस सेंटर पर परिवार के सभी सदस्यों के गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए लाभार्थी से कोई फीस नहीं ली जाएगी।
जनपद की अवैध चिकित्सा सेवाओं पर घिरीं सीएमओ
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह से वार्ता के दौरान पत्रकारों ने सवाल उठाया कि जिले में 27 फरवरी को 18 अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच के बाद किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई जबकि किसी भी सेंटर पर मानक पूरे नहीं थे। इस पर सीएमओ ने कहा कि सात को नोटिस भेजा गया है। नोटिस में मामूली आपत्ति के सवाल पर वे जवाब नहीं दे सकीं। फिर उठा झोलाछाप क्लीनिक व नर्सिंगहोम का मामला। दोनों पटल लिपिकों के भरोसे चल रहे हैं।
दवाइयों के जानकारी न होने के बावजूद लिपिकों से जांच कराई जा रही है। इसके बाद एफआईआर के कुछ दिन बाद भी फिर झोलाछाप अपना प्रतिष्ठान चलाने लगते हैं। इस सवाल पर भी सीएमओ चुप्पी साध गईं। एक ही पटल पर वर्षों से जमे लिपिकों के खेल व बिना डाक्टर व लाइसेंस का नवीनीकरण कराए बिना चल रहे नर्सिंगहोम के सवाल पर भी सीएमओ ने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए सीएमओ डॉ.वंदना सिंह को सभी मामलों की जांच कराकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच आख्या सार्वजनिक करने के निर्देश दिए।