फर्रुखाबाद। पुराने आलू के बाद कच्चे आलू की फसल का भी उचित भाव मिलने से आलू किसानों के चेहरे की रौनक लौट आई है। गत वर्ष जहां दिसंबर में आलू का भाव 400-500 रुपये प्रति क्विंटल था वहीं इस बार 1300-1462 रुपये प्रति क्विंटल के दाम किसानों को मिल रहे हैं। हालांकि पुराने आलू के निकासी के समय के भाव से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। लेकिन अंत में पुराने आलू का भाव चढ़ने से किसान को कुछ राहत मिल गई थी।
सोमवार को मंडी में करीब 150 मोटर आलू की आवक रही। सबसे ज्यादा खरीदारी बिहार, सिलचर, मध्यप्रदेश व पूर्वांचल के शहरों के लिए हुई। अन्य प्रदेशों की लोडिंग के चलते भाव तीन दिन से 650-731 रुपये प्रति पैकेट (50किलो) के बीच चल रहा है। इस भाव के चलने से किसानों को गत वर्ष की अपेक्षा तीन गुना अधिक लाभ मिल रहा है। दिसंबर 2018 में आलू की मांग कम होने से भाव 400-500 रुपये प्रति क्विंटल रहा था। इससे किसानों को जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा था। बाद में कोल्ड स्टोरेज से निकासी के समय में किसानों को औने-पौने दामों में आलू की बिक्री करनी पड़ी थी।
जानकारों को लग रहा था कि इस बार भी अक्तूबर व नवंबर में किसानों को आलू धोखा देगा, लेकिन दिसंबर आते-आते पुराने आलू ने भी किसान को मालामाल कर दिया। खुदरा बाजार में 3797 पुराना आलू 20 रुपये प्रति किलो, चिप्सोना 30 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। वहीं कच्चा आलू भी 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। मंडी एसोसिएशन अध्यक्ष सुधीर वर्मा बताते हैं कि वर्तमान में मिल रहे भाव से किसानों को पक्के सीजन की निकासी के समय हुए नुकसान की भरपाई हो रही है। कहा कि मौसम ने साथ दिया तो अभी हाल-फिलहाल में भाव गिरने की उम्मीद भी नहीं है।