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खांसी, बुखार, गले में दर्द से किशोर की मौत, तरह-तरह की चर्चाएं

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कमालगंज के रामलीला मैदान स्थित क्वारंटीन सेंटर पर गांव में किसी से न मिलने की हिदायत देकर घर भेजत - फोटो : FARRUKHABAD
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फैसिलिटी सेंटर के बाद होम क्वारंटीन में रहेंगे प्रवासी
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फर्रुखाबाद। कोविड-19 के लॉकडाउन के दौरान गैर प्रांतों व महानगरों में फंसे स्थानीय लोगों के आने पर उन्हें क्वारंटीन करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने इस संबंध में जिलाधिकारी व सीएमओ को आदेश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने जारी आदेश में कहा कि अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में कामगारों के लौटने का अनुमान है। संक्रमण की रोकथाम को आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। लक्षण मिलने पर उन्हें 7 दिन फैसिलिटी सेंटर में क्वारंटीन रखकर पुन: परीक्षण कराया जाएगा। संक्रमित न होने पर उन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन में भेज दिया जाएगा।
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बिना लक्षण वालों के लिए 21 दिन का होम क्वारंटीन निर्धारित है। वहीं संक्रमित को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। सभी की लाइन-लिस्टिंग मोबाइल नंबर सहित तैयार होगी। क्वारंटीन अवधि पूर्ण होने पर उन्हें घर भेजने के दौरान खाद्य सामग्री किट देने के साथ पूरा विवरण रजिस्टर पर दर्ज कर प्रवासी के हस्ताक्षर भी कराए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों की निगरानी समिति प्रधान के नेतृत्व में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चौकीदार, युवक मंगल दल शामिल की जाएं, जबकि शहरी क्षेत्र में सभासद के नेतृत्व में निगरानी समिति गठित की जाए। 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, मधुमेह, बीपी व हृदय रोगियों को अलग क्वारंटीन करने की सलाह दी गई है।
गैर प्रांत से आने वाले सभी लोगों को आरोग्य सेतु एप डाउनलोग कराकर प्रतिदिन सुबह 11 बजे स्वास्थ्य की स्थिति अपडेट करने, किसी को खांसी, बुखार आने की स्थिति को प्रशासन को जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
अहमदाबाद से आई बच्ची सहित पांच को बुखार
कमालगंज। दूसरे प्रदेशों से आए 40 लोगों को रामलीला मैदान के पास गार्डन हाउस में रखा गया था। क्वारंटीन स्थल पर सुबह सभी 40 लोगों का परीक्षण किया गया तो अहमदाबाद से आए परिवार की सात वर्ष की बेटी को 99.3 बुखार था। बच्ची की मां व पिता को भी बुखार निकला। दारापुर पट्टी निवासी झांसी से आए एक व्यक्ति व राजनगर राजस्थान से आए पलिया शमसाबाद निवासी व्यक्ति को भी बुखार पाया गया।
इन सभी को एसडीएम सदर अनिल कुमार ने एंबुलेंस से मिशन अस्पताल फर्रुखाबाद के आइसोलेशन वार्ड में भेजा दिया। अन्य 35 लोगों को जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह व एडीएम विवेक श्रीवास्तव ने राशन सामग्री व मास्क देकर घर में 21 दिन सेल्फ क्वारंटीन रहने की हिदायत देकर बसों से भेज दिया।
खांसी, बुखार, गले में दर्द से किशोर की मौत, तरह-तरह की चर्चाएं
फर्रुखाबाद। शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी व्यापारी के किशोर पुत्र की संदिग्ध हालत में मौत हो गई।
व्यापारी का 15 वर्षीय पुत्र पुत्र कुछ दिनों से बीमार था। उसे खांसी, जुकाम, बुखार बताया जा रहा था। हालत बिगड़ी तो उसे जसमई स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से परिजन कानपुर ले गए। डाक्टरों ने कोरोना जांच के बाद ही भर्ती करने को कहा। इस पर परिजन लखनऊ ले गए। वहां कोरोना नमूना लिया गया, मगर भर्ती नहीं किया गया।
इस पर परिजन उसे लाए और सिटी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कर दिया। यहां उसने शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई। मोहल्ले के लोगों ने कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय और सिटी मजिस्ट्रेट को सूचना दी। इस पर घुमना चौकी इंचार्ज शिवशंकर प्रसाद तिवारी घर पहुंचे और जांच की। आवास विकास चौकी इंचार्ज विशेष कुमार ने सिटी अस्पताल के डाक्टरों से पूछताछ की, तो पीलिया की पुष्टि हुई है।
मिशन अस्पताल में 11 और क्वारंटीन, नहीं हुए सैंपल
फर्रुखाबाद। शहर के बढ़पुर स्थित मिशन अस्पताल में चल रहे क्वारंटीन फैसिलिटी सेंटर में रविवार को नए 11 लोगों को क्वारंटीन किया गया। मिशन अस्पताल स्थित फैसिलिटी सेंटर में रखे गए 25 लोगों को क्वारंटीन अवधि पूर्ण होने पर रविवार को घर भेज दिया गया। वहीं 11 नए लोगों को आने से अब यहां कुल 23 लोग क्वारंटीन हैं। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने निरीक्षण किया।
नासिक में पकड़े गए लोग आए, किया हंगामा
कमालगंज। लाकडाउन में काम बंद होने पर मुंबई से 29 मार्च को फर्रुखाबाद आने के लिए निकले युवक नासिक में पकड़ लिए गए थे। उन्हें वहां एक सरकारी हास्टल में रखा गया था। 30 दिन से अधिक क्वारन्टीन रहने के बाद 21 लोग नासिक से ट्रेन द्वारा रविवार सुबह लखनऊ पहुंचे। इस प्रकार रविवार को अन्य राज्यों से करीब 101 लोग क्वारंटीन सेंअर लाए गए।
इनमेें से कई लोगों ने घर जाने का दबाव बनाने को हंगामा भी किया। तहसीलदार व लेखपाल ने सभी को विद्यालय में क्वारंटीन कर दिया। सभी थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसमें दो लोगों को बुखार होने पर जांच के लिए मिशन अस्पताल भेजा गया। उधर नवाबगंज प्रतिनिधि के अनुसार मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नगला मना गांव निवासी चालक ट्रक लेकर गांव पहुंचा।
महाराष्ट्र से आने की जानकारी व उसकी तबियत खराब होने से ग्रामीणों ने उसे गांव के अंदर घुसने ही नहीं दिया। इससे वह रात भर अपने ट्रक में ही लेटा रहा। रविवार सुबह चालक सीएचसी नवाबगंज पहुंचा। उसके गले व पेट में दर्द था। सांस लेने में भी तकलीफ बताई।
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इस पर डाक्टर थर्मल स्क्रीनिंग की तो उसे बुखार था। डॉ.सुमित कुमार शाक्य ने बताया कि लक्षणों से चालक कोरोना संदिग्ध लग रहा था। इससे उसे जांच के लिए लोहिया अस्पताल भेजा गया है।
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