शमसाबाद में पिया का हाथ थामने से पहले ही दुल्हन की सांसें थम गईं। यह
हृदयविदारक घटना गांव शुकरुल्लापुर में घटी। मंगलवार रात भीषण गर्मी में
जयमाल कार्यक्रम के बाद दुल्हन की तबियत खराब हो गई। परिजनों ने उसे
नर्सिंग होम में भर्ती कराया। बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। पल भर में शादी
की खुशियां मातम में बदल गईं।
गांव शुकरुल्लापुर निवासी कंचन पुत्री
सुभाष की शादी सतेंद्र पुत्र रामपाल निवासी छत्तर चौराहा जिला इटावा के तय
हुई थी। मंगलवार को गाजेबाजे के साथ बारात चढ़ी। इसके बाद जयमाल कार्यक्रम
हुआ। लड़की के पिता सुभाष के मुताबिक जयमाल कार्यक्रम के बाद भांवरें पड़नी
थीं। दूल्हा सतेंद्र भांवर के लिए आ ही रहा था कि बेटी कंचन को उल्टी और
दस्त शुरू हो गए। परिजन रात में ही कंचन को लेकर जिला मुख्यालय आए और
नर्सिंग होम में भर्ती कराया। बुधवार सुबह कंचन की मौत हो
गई। इस पर परिजन
शव लेकर वापस गांव पहुंचे। यहां परिजनों का कोहराम मच गया। परिजनों ने
ढाईघाट पर कंचन का अंतिम संस्कार किया। शादी के दिन हुई अनहोनी से लोगों की
भी आंखें भर आईं। सुभाष ने बताया कि कंचन सबसे बड़ी पुत्री थी। उन्होंने
बताया कि गर्मी के चलते कंचन को कालरा हो गया।
चचेरी बहन प्रियंका के साथ लिए फेरे
दुल्हन की मौत के बाद लड़के की शादी गमगीन माहौल में उसकी चचेरी
बहन के साथ की गई। कंचन के अंतिम संस्कार के बाद बाराती इटावा लौट गए।
दूल्हा सतेंद्र और उसके कुछ रिश्तेदार वापस कंचन के घर पर आए। वर और कन्या
पक्ष के आपसी विचार-विमर्श के बाद सतेंद्र की शादी कंचन की चचेरी बहन के
साथ करना तय हुआ। सुभाष के छोटे भाई जयशंकर भी बेटी प्रियंका की शादी
सतेंद्र से करने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद गमगीन माहौल में बुधवार शाम
को सतेंद्र और प्रियंका की शादी की गई। समाचार लिखे जाने तक वर पक्ष कन्या
पक्ष के घर पर ही था।