फर्रुखाबाद। पोस्टमार्टम हाउस की पुराने मॉर्चरी में जमीन पर रखा शव कुत्तों के नोचने के बाद शनिवार को अधिकारी टूटी खिड़की, दरवाजे की मरम्मत कराने में जुटे रहे।
उधर, घास व कूड़ा साफ कराने के बाद प्रदूषण की परवाह किए बिना उसमें आग लगा दी गई। वहीं, शव नोचने के मामले में सीएमओ को नोडल अधिकारी ने दूसरे दिन भी स्पष्टीकरण नहीं दिया। लापरवाही में फार्मासिस्ट को भी स्थानांतरित कर दिया गया।
सीएमओ कार्यालय के पास स्थित पोस्टमार्टम हाउस परिसर में करीब 100 वर्ष पुराना मॉर्चरी भवन बना है। शमसाबाद क्षेत्र के गांव चिलसरा निवासी चांद मियां का लावारिस मिला शव बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया था। लापरवाही के चलते शव पोस्टमार्टम हाउस के नये भवन व फ्रीजर में रखने के बजाय पुरानी जर्जर मॉर्चरी में जमीन पर रखवा दिया गया।
वहां खिड़कियां टूटी होने से कुत्ते मॉर्चरी में घुस गए और शव को नोचकर क्षत-विक्षत कर दिया। यह मामला सामने आते ही अधिकारी हरकत में आए। शनिवार को सुबह से ही पुरानी मॉर्चरी में मरम्मत व सफाई शुरू करा दी गई। टूटी खिड़कियों की जगह दीवार खड़ी करा दी गई। परिसर में सफाई व घास काटने के लिए आठ कर्मचारी लगाए गए। जबकि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के पूरे माह में अधिकारियों ने सफाई की सुध भी नहीं ली।
उधर, सफाई के दौरान भी लापरवाही दिखी। महीनों से पड़ा कूड़ा हटाने के बजाय उसमें आग लगा दी गई। कूड़े में आग लगाने के सवाल पर सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने सफाई कर्मियों की फटकार लगाई। कूड़ा एकत्र कर नगरपालिका की गाड़ी में डालने के निर्देश दिए। सीएमओ ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस, फतेहगढ़ सीएचसी परिसर में सफाई कराने के लिए नगरपालिका ईओ को निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही चारों गेट पर एक-एक गार्ड तैनात कर दिया है। इससे कोई बाहरी व्यक्ति कूड़ा न डाल सके और न ही गंदगी कर सके।
कूड़ा डालने पर पांच भवन स्वामियों को नोटिस
पोस्टमार्टम हाउस परिसर में आसपास बने मकानों का कूड़ा डाला जा रहा है। इससे परिसर में गंदगी रहती है। सीएमओ डॉ. अवनींद्र ने परिसर में कूड़ा डालने के मामले में फतेहगढ़ के मोहल्ला गीतापुरम निवासी अरविंद यादव, नेत्रपाल, एसके गोस्वामी, नीरज यादव व अरविंद कुमार को नोटिस जारी किया है। उन्होंने भविष्य में कूड़ा डालने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
-
पोस्टमार्टम हाउस का शौचालय निष्प्रयोज्य, परिसर अंधेरे में
पोस्टमार्टम हाउस परिसर में बना शौचालय गंदगी से भरा होने से निष्प्रयोज्य है। शव से साथ आने वाले परिजनों के बैठने के लिए बना बरामदा में भी सफाई नहीं है। नोडल अधिकारी के मौजूद रहने और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आए दिन निरीक्षण करने के बावजूद इन अव्यवस्थाओं में नजर नहीं डाली जा रही है। खास बात तो यह है कि परिसर में लगी हाईमास्ट भी खराब होने से रात में अंधेरा पसर जाता है।
आसपास नहीं दिखे कुत्ते व पिल्ले
शव नोचे जाने की घटना के दूसरे दिन दोपहर करीब एक बजे तक वहां न तो कोई कुत्ता नजर आया और न ही पिल्ले। जबकि अक्सर वहां कुत्ते व उसके पिल्ले घूमते रहते थे। बताया गया कर्मचारी ने पिल्लों को इधर-उधर छोड़ आए हैं।
फोटो-11 पोस्टमार्टम हाउस की पुरानी मोर्चरी के पास जलाया जा रहा कूड़ा। संवाद- फोटो : udhampur news
फोटो-11 पोस्टमार्टम हाउस की पुरानी मोर्चरी के पास जलाया जा रहा कूड़ा। संवाद- फोटो : udhampur news