फर्रुखाबाद। 24 साल बाद गैस रिफलिंग के मामले में न्यायालय ने हॉकर को दोषी ठहराया। उसे जेल में बिताई गई अवधि और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया।
यहां तैनात रहे जिला पूर्ति अधिकारी मानिक लाल ने ठंडी सड़क निवासी हॉकर राजेश सक्सेना के खिलाफ गैस रिफलिंग कर बेईमानी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि 15 जनवरी 2001 को रस्तोगी मकान के पास मेसर्स जितेंद्र गैस सर्विस फर्रुखाबाद के सामने से राजेश सक्सेना रिक्शे पर गैस सिलिंडर लेकर जा रहा था।
सिलेंडरों की ताैल कराई गई तो सभी सिलिंडरों में एक से डेढ़ किलो गैस कम मिली। पुलिस ने राजेश सक्सेना के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। सीजेएम घनश्याम शुक्ला ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर गवाह और सबूतों को देख राजेश को दोषी ठहराया। उसे जेल में बिताई अवधि व 3000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर तीन दिन अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।