फर्रुखाबाद। जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुधारने के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है। इससे मिलावटखोर त्योहारों पर सक्रिय हो गए हैं। रक्षाबंधन पर तीन दिन के अभियान में इस वर्ष सबसे कम नौ नमूने लिए गए।
गैरजनपदों से मिलावटी खोया जिले में बड़ी मात्रा में आ रहा है। यह मिलावटी खोया त्योहारों पर स्वादिष्ट जहर के रूप में बेचा जा रहा है। बाजार में भोलेपुर स्थित एक मिष्ठान भंडार पर फफूंदी लगी मिठाई भी बिकती देखी गई। कई बड़े प्रतिष्ठान ऊंचे दाम पर मिलावटी पकवान बेचकर मोटी कमाई कर रहे हैं। छोटी दुकानों पर रंगीन मिठाई बेची जा रही है, जो सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है। खाद्य सुरक्षा विभाग की इन मिलावटखोरों पर नजरें इनायत हैं। विभाग ने शहर या जनपद की किसी खोया मंडी का दौरा नहीं किया।
शासन के आदेश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने तीन दिन का अभियान चलाया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल गंगवार के नेतृत्व में यह अभियान चला। इसमें मात्र नौ खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। यह संख्या पिछले तीन वर्षों में सबसे कम है, गत वर्ष 2025 में 28 और वर्ष 2024 में 20 नमूने लिए गए थे।
24 अगस्त को शमसाबाद में अनुज कुमार की दुकान से बालूशाही और सलेमपुर में मूलचंद्र सक्सेना की दुकान से डोडा बर्फी के नमूने लिए गए। 25 अगस्त को बढ़पुर स्थित अनोखेलाल की दुकान से छेना व खोया तथा कायमगंज के झब्बूपुर स्थित पवन कुमार की दुकान से पेड़ा का नमूना लिया गया। 26 अगस्त को पाल मिष्ठान भंडार से घेवर, अर्जुनलाल की दुकान से सूतफेनी और बढ़पुर के शॉपिंग स्टोर से ड्राई फूड के नमूने लिए गए। घुमना बाजार में सचिन गुप्ता की दुकान से चांदी वर्क का नमूना लेकर 39 पैकेट सीज किए गए। इस अभियान में शहर से लेकर फतेहगढ़ तक किसी प्रतिष्ठित मिष्ठान भंडार से नमूना नहीं लिया गया।
बिक रहा मानकविहीन पनीर फिर भी कार्रवाई नहीं
- फतेहगढ़ स्थित जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर ही एक मोहल्ले में पनीर बनाने का काम दिन रात होता है। इसके बाद भी खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी वहां जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। त्योहारी सीजन में मांग अधिक होने से मिलावट की आंशका बढ़ जाती है। इसी का नतीजा है कि वर्ष 2024 में 25 नमूने लिए गए इनमें 22 अधोमानक पाए गए। वर्ष 2025 में 21 लिए गए नमूनों में से 20 फेल हो गए। इस तरह इस वर्ष अप्रैल से अब तक विभाग ने पनीर के दो नमूने लिए। इसमें एक फेल हो गया।
वर्जन
विभाग में मात्र दो खाद्य सुरक्षा अधिकारी हैं। शासन से 26 अगस्त तक अभियान चलाने के आदेश थे। इससे नौ नमूने ही लिए जा सके। जबकि पिछले वर्षों में विभाग के पास 6 खाद्य सुरक्षा अधिकारी थे। सबसे अहम बात यह है कि इस बार चांदी के बर्क का नमूना लेकर 39 पैकेट सीज किए गए हैं। यह बर्क चांदी का न होने की पूरी आशंका है। नमूने भेजकर जांच कराई जा रही है। जिले में बाहर से मिलावटी खोया आने की उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है। -अजीत श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त खाद्य