पंचायती राज निदेशक के आदेश के बावजूद गुरुवार को एडीपीआरओ को जिले में योगदान (ज्वाइन) नहीं कराया गया। निलंबन की कार्रवाई के लिए पुराने रिकार्ड भी खंगाले गए।
सीडीओ की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने 29 जनवरी को एडीपीआरओ अमित कुमार त्यागी को जिले से कार्यमुक्त कर निलंबन की संस्तुति की थी। एडीपीआरओ पर वर्ष 2017 में तैनाती से पूर्व के लंबित मामले निस्तारित न करने और नोटिस का जवाब न देने समेत कई आरोप हैं।
निदेशक पंचायतीराज किंजल सिंह ने तीन फरवरी को कार्यमुक्त का आदेश निरस्त कर डीएम व डीपीआरओ को एडीपीआरओ को विभाग में योगदान कराने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद गुरुवार को उन्हें योगदान नहीं कराया गया।
इसके उलट पुराने रिकार्ड निकलवाकर एडीपीआरओ के निलंबन के लिए साक्ष्य जुटाए जाते रहे। डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ने बताया कि निदेशक के आदेश के संबंध में जिलाधिकारी को लिखा गया है।
एडीपीआरओ को जिलाधिकारी कार्यालय में योगदान करना चाहिए। एडीपीआरओ अमित कुमार त्यागी ने बताया कि वह आफीसर्स कालोनी स्थित अपने सरकारी आवास पर ही हैं। योगदान के लिए उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई है।