फर्रुखाबाद। सदर तहसील के संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम मानवेंद्र सिंह व एसपी डा. अनिल मिश्र ने 96 शिकायतें सुनीं। इसमें से 10 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। दोपहर करीब एक बजे एडीजी जयनारायण सिंह पहुंचे। उन्हें सलोवा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने बेटे पर फायरिंग करने वालों की गिरफ्तारी न होने की व्यथा सुनाई।
कहा कि दबंग हत्या की धमकी दे रहे हैं। एडीजी ने नवाबगंज थानाध्यक्ष की फटकार लगाई। कहा कि शीघ्र गिरफ्तारी करें। एक और शिकायत एडीजी ने सुनीं और बीस मिनट बाद चले गए। नवाबगंज निवासी समाजवादी लोहिया वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष नवरंग सिंह ने एडीजी को दुखड़ा सुनाया।
कहा कि 20 फरवरी को उनके पुत्र सुमित पर नगला दुली के दिव्यांशु और उनके पिता रवेंद्र सिंह ने दो अज्ञात लोगों संग लाइसेंसी रिवाल्वर से फायर किए थे। इसमें उनकी कार के टायर फट गए थे, जबकि पुत्र बच गया था। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने न तो आरोपियों को गिरफ्तार किया और न ही कार का परीक्षण कराया।
इस पर एडीजी ने नवाबगंज थानाध्यक्ष अजय नारायण सिंह को तलब कर जमकर हड़काया। शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। संपूर्ण समाधान दिवस में 70 मामले राजस्व से संबंधित आए। जिलाधिकारी ने उन्हें निस्तारित करने के निर्देश दिए।
अपहृत पुत्र की विवेचना कर दी ट्रांसफर
फर्रुखाबाद। नवाबगंज थाने के गांव हरदुआ निवासी रमेश चंद्र ने एडीजी को दिए पत्र में कहा कि उनके पुत्र अंचल उर्फ गौरव का दो साल पहले अपहरण हो गया था। इसमें आरोपियों ने पहले विवेचक से मिलकर फाइनल रिपोर्ट लगवा दी। कोर्ट के आदेश पर क्राइम ब्रांच के दरोगा रामसेवक गौतम पर विवेचना थी। अभियुक्तों से साठगांठ करके विवेचना बदलवा दी गई। गौतम को ही विवेचना दी जाए।
साहब! दो साल से नहीं मिल रहा मानदेय
फर्रुखाबाद। नगर पंचायत मोहम्मदाबाद की आशाओं ने डीएम के सामने कहा कि उनका प्रारंभिक प्रशिक्षण और एचबीएनसी का जिले स्तर पर प्रशिक्षण हो चुका है। 13 साल से नियमित काम भी कर रही हैं। बावजूद इसके अप्रैल 2018 से मानदेय रोक दिया गया। प्रशिक्षण दिलाकर मानदेय दिलाने के आदेश सीएमओ को दें। मांग करने वालों में सुमन कुमारी, सुधा दीक्षित, अनीता राय, किरन, हर्षकुमारी, गुड्डी, खतून, मुनीषा, शशि, मंजू आदि थीं।
काउंटर पर बटे पंफ्लेट में डीएम मोनिका रानी
फर्रुखाबाद। समाधान दिवस में जनहित की योजनाएं बताने के लिए काउंटर लगे थे। जिला प्रोवेशन अधिकारी की ओर से लगाए गए काउंटर पर विधवा पेंशन के पंफ्लेट बांटे जा रहे थे। इन पर योजना के बारे में पूरी जानकारी थी लेकिन चार महीने पहले स्थानांतरित हो चुकीं जिलाधिकारी मोनिका रानी और एक साल पूर्व सीडीओ रहीं अपूर्वा दुबे का नाम छपा था।
कई लोग पत्रक लेने के बाद पूछते दिखे कि क्या अधिकारी बदल गए हैं। प्रोवेशन अधिकारी भारत प्रसाद ने बताया कि पुराने पर्चे रखे थे। इन पर तत्कालीन अधिारियों के नाम हैं। पर्चों का उद्देश्य लोगों को योजनाओं से संबंधित जानकारी देना भर था।