फर्रुखाबाद। नवाबगंज में पीआरवी सिपाही विलसन से मारपीट की घटना में गिरफ्तार तीन आरोपियों की कोर्ट के आदेश पर पैनल से डॉक्टरी परीक्षण कराया गया। इसमें एक आरोपी के चार और दो अन्य के शरीर पर तीन-तीन चोटें मिली हैं। यह चोटें लाठी, डंडे अथवा पटा से भी हो सकती हैं। इस मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यूगल शंभू ने पुलिस अधीक्षक को घटना का संज्ञान लेकर विवेचक के खिलाफ उचित कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के आदेश भी दिए हैं।
अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश पर सीएमओ ने शनिवार को डॉ. सर्वेश यादव, डॉ. दीपक वर्मा और डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी का पैनल बनाया। डॉक्टरों की टीम ने नवाबगंज के आरोपी नन्हें, वीर सिंह व कन्हैयालाल का परीक्षण किया। इसमें पैनल को एक आरोपी के चार और दो अन्य के तीन-तीन चोटों के निशान मिले हैं। यह चोटों के निशान लाठी-डंडे अथवा पटा के भी हो सकते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि घटना वाले दिन सिपाही अकेला था। लिहाजा उसे आरोपियों ने ही पीटा। आरोपियों पर हमला करने वाला कोई नहीं था। यही नहीं हमले के तुरंत बाद ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली गई थी। फिर उनके शरीर में निशान कैसे आए। इसको लेकर थाना पुलिस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बहरहाल यह मामला अदालत के संज्ञान में होने की वजह से फंसना तय माना जा रहा है।