सिंधौली में बारिश से भीगें आलू को सुखाते किसान। संवाद
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बुधवार रात बादलों तेज हवा के साथ बूंदाबांदी होने से गेहूं की फसल को तो फायदा हुआ है लेकिन सरसों और आलू की फसलों को नुकसान हुआ है। बारिश व हवा में सरसों के पौधे गिर गए और फूल भी झड़ गए हैं।
जरारी, ईशापुर, जहानगंज, खुदागंज, दरौरा, सिंधौली आदि कई गांव में किसानों की सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। इन दिनों कोल्डस्टोरेज में आलू रखने के लिए खुदाई चल रही है।
जिन किसानों ने खेत में आलू खोदकर उसे सुखाने व छटाई करने के लिए लगा रखा था। वह भी भीग गया। इसको सुखाने के लिए किसान गुरुवार को लगे रहे।
उपनिदेशक कृषि राजकुमार ने बताया कि बूंदाबांदी से सरसों की फसल को मामूली नुकसान हुआ है। ज्यादातर खेतों में सरसों तैयार हो जाने की स्थिति में है। गेहूं को तो इस पानी से काफी फायदा हुआ है।
सिंधौली निवासी किसान ओमप्रकाश ने बताया कि अगैती सरसों में दाना बनने का समय है। पौधे झुकने से 20 प्रतिशत नुकसान का अंदेशा है। पिछैती सरसों में बीच-बीच मे फूल झड़े दिखाई पड़ रहे हैं।
रजीपुर निवासी छविनाथ शुक्ला ने बताया कि खेत में भीग गए आलू को दो दिन सुखाने के बाद ही बोरों में भरा जाएगा। जिन खेतों में अभी आलू की बेल हरी है। उसे नुकसान हो सकता है।
शेखपुर निवासी बागवान रामसेवक बबलू ने बताया कि हवा के साथ बारिश से आम के बौर को भी नुकसान हुआ है। कुछ बौर झड़ गए हैं जो बचा है वह काला पड़ जाएगा। अब मौसम गर्म हुआ तो बौर और भी झड़ सकता है।