फोटो-14 गरैयाखारे में संचालित पंपिंग स्टेशन। स्रोत : जागरूक पाठक
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ में अमृत-2 योजना के तहत 100 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन डालने की शासन से मंजूरी मिल गई है। इससे फतेहगढ़ के करीब 10 वार्डों की 90 हजार आबादी को लाभ मिलेगा। मोहल्लों में नाला-नालियों के प्रदूषण से भी निजात मिलने की उम्मीद है।
सरकार स्वच्छता पर विशेष जोर दे रही है। वहीं गंगा को भी स्वच्छ बनाने का अभियान चल रहा है। गंगा के किनारे शहर बसा होने से नालों का पानी भी गंगा में जाने से रोका जा सके, इसके लिए शहर में सीवर लाइन डालने तैयारी है। पूरे शहर को तीन जाेन में बांटा गया है। इसमें एक जोन में आधा शहर, दूसरा जोन में आवास विकास कालोनी से बचा हुआ आधा शहर व तीसरे जोन में फतेहगढ़ को रखा गया है। गंगा में गंदा पानी जाने से रोकने के लिए एसटीपी पहले ही बनाए जा चुके हैं। अब शासन से फतेहगढ़ जोन में सीवर लाइन डालने की मंजूरी मिल गई है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी जल निगम काे सौंपी गई। इससे मंजूरी मिलने के बाद सर्वे का काम भी लगभग पूरा कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार फतेहगढ़ के सीवर लाइन प्रोजेक्ट में वार्ड नंबर एक, दो, तीन, नौ, 12, 13, 14, 19, 26 व वार्ड नंबर 36 को शामिल किया गया है। इनमें करीब 90 हजार से अधिक आबादी है। योजना के तहत इन वार्डों के करीब 17000 घरों में सीवर कनेक्शन देने की तैयारी है। इससे मोहल्लों के लोगों को खुली नालियों और नालों की गंदगी से उठने वाली बदबू से निजात मिलेगी और स्वच्छता का माहौल बनेगा। इसके लिए डीपीआर बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
एसटीपी में गिरेगा सीवर का पानी
पुलिस लाइन के पीछे करीब दो वर्ष पूर्व 17.7 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाया गया था। फतेहगढ़ में बनने वाली सीवर लाइन का पानी इसी एसटीपी में छोड़ा जाएगा। प्लांट से पानी साफ होने के बाद गंगा में जाएगा। इससे गंगा का जल भी गंदा नहीं होगा। इसके अलावा गरैयाखारे पर दो एमएलडी क्षमता का पंपिंग स्टेशन संचालित है। सीवर लाइन के साथ एक पंपिंग स्टेशन भी और बनाया जाएगा।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जल निगम नगरीय के अधिशासी अभियंता यदुनाथ सिंह ने बताया कि फतेहगढ़ में सीवरलाइन बनाने के लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए सर्वे भी करा लिया गया है। अब डीपीआर बनाई जा रही है। सीवर लाइन की लागत तो डीपीआर बनने के बाद ही पता चल सकेगी। हालांकि 100 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।